Iran Israel War: मिडिल ईस्ट में जंग का आज 11वां दिन है। कई देशों में ईंधन संकट छाने लगा है। इसी बीच भारत ईंधन पर बड़ा फैसला लिया है। भारत ने बांग्लादेश को 5000 टन डीजल की आपूर्ति करने का फैसला लिया है। यह फैसला इस समय काफी अहम फैसला माना जा रहा है।
मामले में बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसी) के चेयरमैन मोहम्मद रेजानुर रहमान ने एएनआई को बताया कि हमारा भारत के साथ एक समझौता है और उस समझौते के अनुसार, भारत पाइपलाइन के माध्यम से प्रति वर्ष बांग्लादेश को 180,000 टन डीजल की आपूर्ति करेगा। अभी जो 5,000 टन डीजल आ रहा है, वह उसी समझौते का हिस्सा है।
रेजानुर रहमान ने आगे कहा कि समझौते के अनुसार, छह महीनों के भीतर बांग्लादेश में कम से कम 90,000 टन डीजल आयात किया जाना चाहिए। आज जो खेप आ रही है। वह 5,000 टन है। कहा कि हमें उम्मीद है कि अगले दो महीनों के भीतर हम शेष डीजल भी आयात कर लेंगे।
बता दें कि यह डीजल परबतीपुर सीमा के रास्ते बांग्लादेश में प्रवेश करेगा। बांग्लादेश पेट्रोलियम निगम (बीपीसी) के अध्यक्ष मोहम्मद रेजानुर रहमान ने यह जानकारी दी। बताया कि हमारा भारत के साथ एक समझौता है और उस समझौते के अनुसार भारत पाइपलाइन के माध्यम से प्रति वर्ष बांग्लादेश को 180,000 टन डीजल की आपूर्ति करेगा।
समझौते के अनुसार, छह महीने के भीतर बांग्लादेश में कम से कम 90,000 टन डीजल आयात किया जाना चाहिए। आज जो खेप आ रही है वह 5,000 टन है। कहा कि हमें उम्मीद है कि अगले दो महीनों के भीतर हम पूरे छह महीनों के लिए आवश्यक डीजल की कुल मात्रा आयात कर लेंगे।
बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि सप्ताह की शुरुआत में रविवार को बांग्लादेश ने ईंधन भंडार की स्थिति का निरीक्षण करने के लिए अभियान चलाया। बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मौजूदा संकट की स्थिति में विभिन्न मीडिया आउटलेट्स ने बताया है कि कुछ बेईमान व्यापारी बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने के प्रयास में अवैध रूप से ईंधन का भंडारण कर रहे हैं।