Habibi, come to Iran: तेहरान ने फिर से उड़ाया अमेरिका का मजाक, इस बार होर्मुज पर नजर आया 'माइनस्वीपर गेम'; देखें Video

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इन लॉन्चरों को समुद्री मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाने के लिए तैयार किया जा रहा था. अमेरिका का कहना था कि ऐसी गतिविधि से अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है.

Strait of Hormuz

अमेरिका ने चलाया था बारूदी सुरंगों को हटाने का अभियान. (Photo: Iran Govt)

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. फरवरी के आखिरी सप्ताह में शुरू हुए संघर्ष के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच कई बार शांति वार्ता की कोशिशें की गई, लेकिन बैठकों का कोई नतीजा नहीं निकला. अब लगता है कि ईरान को कमजोर समझना अमेरिका की सबसे बड़ी गलती थी और इजरायल के साथ इस जंग में शामिल होने का पछतावा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हो रहा होगा. इस बीच ईरान ने एक बार फिर से अमेरिका का मजाक उड़ाया है. तेहरान सरकार ने होर्मुज को लेकर एक वीडियो गेम का वीडियो पोस्ट किया, जो अब वायरल हो रहा है.

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ईरान ने व्यापार के तौर पर सबसे जरूरी जलमार्ग होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगों के खतरे को लेकर एक वीडियो जारी किया है. सिएरा लियोन स्थित ईरानी दूतावास ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर 35 सेकंड का एक वीडियो शेयर करते हुए अमेरिका पर तंज कसते हुए लिखा, ‘हबीबी, कम टू ईरान.’

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वीडियो में दिखा होर्मुज का 3D नक्शा

वीडियो में होर्मुज का 3D नक्शा दिखाई दे रहा है, जिस पर पॉपुलर कंप्यूटर गेम माइनस्वीपर की तरह ग्रिड बनी हुई है. पोस्ट के जरिए ईरान ने समुद्री बारूदी सुरंगों को लेकर अमेरिका की टेंशन पर तंज कसा है. गौरतलब है कि यह वीडियो ऐसे समय जारी किया गया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार बढ़ रहा है. यह वीडियो अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के लाराक द्वीप पर ईरानी रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाए जाने के कुछ दिन बाद सामने आया है.

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अमेरिका ने चलाया था बारूदी सुरंगों को हटाने का अभियान

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इन लॉन्चरों को समुद्री मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाने के लिए तैयार किया जा रहा था. अमेरिका का कहना था कि ऐसी गतिविधि से अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, अमेरिकी सेना ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त समुद्री मार्गों से ईरानी समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने का बड़ा अभियान भी चलाया था. इसमें नौसेना के गोताखोरों, सील कमांडो और हवाई सहायता का इस्तेमाल किया गया. इसके बाद व्यापारिक जहाजों के लिए कुछ समुद्री मार्ग दोबारा खोल दिए गए.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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