‘क्या हम दूसरों के गुलाम हैं’, टाटा केमिकल्स पर क्यों भड़के केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो? कामकाज बंद करने का दिया आदेश
President William Ruto: कंपनी का यह कारोबार केन्या के महत्वपूर्ण निर्यात क्षेत्रों में शामिल रहा है और हर साल बड़ी मात्रा में सोडा ऐश विदेशी बाजारों में भेजा जाता है. सरकार के फैसले पर केन्या की डेमोक्रेसी फॉर द सिटिजंस पार्टी (DCP) ने सवाल उठाए हैं.
Written By: Akarsh Shukla|Updated: Sep 3, 2026 21:44
Edited By : Akarsh Shukla|Updated: Sep 3, 2026 21:44
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टाटा केमिकल्स ट्रोना नाम का खनिज निकालकर प्राकृतिक सोडा (सोडियम कार्बोनेट) का उत्पादन करती है. (Photo: X)
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केन्या में भारतीय कारोबारी समूह टाटा को लेकर राष्ट्रपति विलियम रूटो के सख्त तेवर ने सभी को हैरान कर दिया है. काजीआडो काउंटी के लेक मगाडी में टाटा केमिकल्स के ऑपरेशनल व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति रूटो ने कंपनी को कामकाज रोकने का आदेश दिया है. रूटो का आरोप है कि कंपनी ने करीब एक सदी से इलाके में कारोबार करने के बावजूद स्थानीय स्तर पर पर्याप्त निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास नहीं किया.
क्या हम दूसरों के गुलाम हैं?’
दरअसल, साउत केन्या के काजीआडो में गुरुवार को विकास परियोजनाओं के दौरे के दौरान राष्ट्रपति रूटो ने कहा कि टाटा के पास करीब 100 वर्षों से यहां काम करने का अधिकार रहा, लेकिन इस दौरान क्षेत्र में कोई बड़ी फैक्ट्री या औद्योगिक ढांचा विकसित नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि सरकार अब नए निवेशकों को यहां लाएगी और उनसे स्थानीय स्तर पर कांच और रसायन निर्माण जैसी फैक्ट्रियां लाने की कोशिश करेगी. इसी दौरान उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, ‘क्या हम दूसरों के गुलाम हैं?’
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We are committed to constructive dialogue and practical solutions that protect livelihoods, strengthen businesses and support our economy.
We have heard the concerns raised by traders. The measures agreed upon must now be fully implemented, guided by continued engagement, mutual… pic.twitter.com/QbFtJI50Yz
राष्ट्रपति रूटो ने जोर देकर कहा कि देश के प्राकृतिक संसाधनों का फायदा सबसे पहले स्थानीय आबादी को मिलना चाहिए. उनका तर्क है कि केवल कच्चे माल को निकालकर दूसरे देशों में भेजने से केन्या को उसकी वास्तविक आर्थिक क्षमता का लाभ नहीं मिलेगा. संसाधनों की स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग होने से रोजगार, निवेश, टैक्स राजस्व और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है. आपको बता दें कि केन्या के लेक मगाडी से टाटा केमिकल्स ट्रोना नाम का खनिज निकालकर प्राकृतिक सोडा (सोडियम कार्बोनेट) का उत्पादन करती है. इसका इस्तेमाल कांच, डिटर्जेंट, रसायन और जल शोधन जैसे उद्योगों में होता है.
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विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
कंपनी का यह कारोबार केन्या के महत्वपूर्ण निर्यात क्षेत्रों में शामिल रहा है और हर साल बड़ी मात्रा में सोडा ऐश विदेशी बाजारों में भेजा जाता है. सरकार के फैसले पर केन्या की डेमोक्रेसी फॉर द सिटिजंस पार्टी (DCP) ने सवाल उठाए हैं. पार्टी ने कार्रवाई को ‘राज्य प्रायोजित आर्थिक नुकसान’ बताते हुए आरोप लगाया कि इसके पीछे राष्ट्रपति रूटो के क्षेत्र में कारोबारी हित हो सकते हैं. विपक्ष का दावा है कि मगाडी क्षेत्र में लिथियम के बड़े भंडार और तेल की संभावनाएं मौजूद हैं.