191 शवों की 'गवाही' ने पति-पत्नी को भेजा जेल, पढ़ें फर्जी अंतिम संस्कार और नकली अस्थियों की कहानी

US Man Horrible Crime Story: अमेरिका के एक शख्स ने ऐसा क्राइम कर दिया कि इंसानियत शर्मसार हो गई। उसके किए के लिए फांसी की सजा मांगी जा रही है। अभी एक केस में उसे 20 साल जेल की सजा सुनाई गई है, लेकिन उसने जो किया, जानकर किसी की भी रूह कांप जाए। आइए पूरा मामला जानते हैं…

US Man Crime Story

सांकेतिक तस्वीर।

Funeral Home Owner Crime Story: अमेरिका के कोलोराडो शहर में दिल दहला देने वाला केस उजागर हुआ है। आरोपी को कोलोराडो की संघीय अदालत ने साजिश रचने, कोविड-19 के लिए मिली आर्थिक सहायता में से लगभग 900000 डॉलर की धोखाधड़ी करने, 191 लाशों के साथ दुर्व्यवहार करने का दोषी करार दिया है। साजिश रचने के मामले में उसे 20 साल जेल की सजा सुना दी गई है। दूसरे केस में उसे अगस्त में सजा सुनाई जाएगी। आरोप हैं कि रिटर्न टू नेचर फ्यूनरल होम के मालिक जॉन हॉलफोर्ड ने 191 लाशों को छिपा लिया, जो अब गल-सड़ गई है। उसने लाशों का अंतिम संस्कार नहीं किया और परिजनों को झूठ बोला। उन्हें नकली अस्थियां दीं। मामला सामने आने के बाद मृतकों के परिजन दहशत में हैं और उन्होंने अदालत से उनके अपनों के पार्थिव शरीर दिलाए जाने की मांग की है।

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जज बोलीं- कड़ी सजा होनी चाहिए

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को कोर्ट की सुनवाई हुई और सरकारी वकीलों ने हॉलफोर्ड के लिए 15 साल की सजा की मांग की। हॉलफोर्ड के वकील ने 10 साल की सजा दिए जाने की मांग की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस नीना वांग ने कहा कि फ्रॉड का केस साबित हुआ है, लेकिन हॉलफोर्ड को अमानवीय व्यवहार के लिए कड़ी सजा दी जानी चाहिए, लेकिन धोखाधड़ी का मामला भी साधारण नहीं है। उसकी पतनी कैरी ने भी यह घिनौना काम करने में उसकी मदद की। साल 2019 से साल 2023 तक दोनों लाशों को छिपाते रहे। वहीं हॉलफोर्ड ने जज के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने जनसेवा करने के लिए रिटर्न टू नेचर की शुरुआत की थी, लेकिन उससे गलती हो गई। उसे अपने किए पर बहुत अफसोस है। उसने जो कुछ किया, उसके लिए वह खुद से नफरत करने लगा है।

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एक बिल्डिंग में छिपाए थे शव

केस की जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि साल 2023 में मामले का खुलासा हुआ। दुर्गंध आने पर लोगों ने पुलिस को शिकायत दी थी। डेनवर से दक्षिण की ओर जाते हुए 2 घंटे की ड्राइव पर बसे एक छोटे से शहर पेनरोज़ में खाली पड़ी बिल्डिंग है। इसमें से दुर्गंध आ रही थी और पक्षी मंडरा रहे थे। पुलिस मौके पर पहुंची तो इमारत के अंदर का मंजर देखकर चौंक गई। गले-सड़े शवों को एक-दूसरे के ऊपर रखा गया था। कोर्ट में एक कोल्टन स्पेरी नामक युवक ने अपनी आपबीती सुनाई। उसकी दादी के शव के साथ दुर्व्यवहार हुआ था। उसने बताया कि उसकी दादी उसकी दूसरी मां थी और साल 2019 में उनकी मृत्यु हो गई थी, लेकिन उसे नहीं पता था कि आखिरी समय में उनके साथ ऐसा होगा। हॉलफोर्ड की हरकत ने उसे भावनात्मक रूप से तोड़ दिया है। वह उसे कभी माफ नहीं कर पाएगा।

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सरकारी फंड का दुरुपयोग किया

कोर्ट में पेश किए गए सबूत देखने के बाद जज ने कहा कि हॉलफोर्ड पति-पत्नी ने महामारी में मिली आर्थिक सहायता के पैसे की हेराफेरी की और 120000 डॉलर से ज्यादा पैसा GMC युकोन और इनफिनिटी पर खर्च किया। 31000 डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी खरीदी गई। गुच्ची और टिफ़नी एंड कंपनी जैसे स्टोर्स से लग्जरी चीजें खरीदी गईं। लेजर बॉडी स्कल्प्टिंग भी कराई गई। बिल्डिंग में बुरी हालत में पड़ी लाशें सड़ रही थीं और हॉलफोर्ड पति-पत्नी हंस खेल रहे थे। खा-पी रहे थे। कोई इतना अमानवीय कैसे हो सकता है। घिनौनी हरकत के लिए दोनों को कठोर सजा सुनाई जानी चाहिए। वहीं जॉन हॉलफोर्ड के वकील लॉरा एच. सुएलाऊ कहते हैं कि अपराधियों ने अपनी गलती स्वीकार की है और उन्होंने कोई बहाना नहीं बनाया। इसलिए दोनों की सजा पर विचार किया जाए। वहीं मृतकों के परिजनों ने फांसी की सजा मांगी है।

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लेख समाप्त
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