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गुड न्यूज! मिडिल ईस्ट की जंग खत्म, अमेरिका-ईरान में शांति समझौता हुआ पूरा, जानें कब से खुलेगी होर्मुज स्ट्रेट?

Middle East War: परमाणु हथियारों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग आखिरकार खत्म हो ही गई। दोनों देशों में युद्धविराम और अंतरिम समझौता फाइनल हो गया है। अब दोनों देश परमाणु समझौता करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

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मिडिल ईस्ट से एक गुड न्यूज आई है। 26 फरवरी से चल रही अमेरिका और ईरान की जंग खत्म हो गई है, क्योंकि दोनों देशों के बीच समझौता हो गया है। 107 दिन के बाद मिडिल ईस्ट की जंग पर ब्रेक लगी है और 60 दिन के युद्धविराम के लिए दोनों देश सहमत हुए हैं। अब होर्मुज स्ट्रेट भी समुद्री जहाजों की आवाजाही और तेल-गैस व्यापार के लिए खुल जाएगी। पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने और फिर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने समझौते का ऐलान किया।

राष्ट्रपति ट्रंप ने डील होने का ऐलान किया

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट लिखकर ऐलान किया कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील पूरी हो गई है। सभी को बधाई! मैं अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना किसी रोक-टोक के खोलने और साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने की मंजूरी देता हूं। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल-गैस सप्लाई लेने वाले देशों से कहा कि दुनियाभर के समुद्री जहाज अब अपने इंजन चालू करें और तेल-गैस की सप्लाई शुरू करें।

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स्विट्जरलैंड में होंगे समझौते पर हस्ताक्षर

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी पोस्ट में यह भी स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह तभी खोला जाएगा, जब 19 जून दिन शुक्रवार को समझौते पर दोनों देशों के हस्ताक्षर हो जाएंगे। डील साइन होते ही होर्मुज स्ट्रेट में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने का काम शुरू हो जाएगा। अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हट जाएगी। ईरान की बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी में भी ढील दी जाएगी, ताकि ईरान अपना तेल-गैस बेच सके और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सके।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भी की घोषणा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट लिखकर अमेरिका और ईरान के समझौते की आधिकारिक पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता कतर, तुर्की और सऊदी अरब के सहयोग से हुआ है। समझौते पर 19 जून को स्विटजरलैंड में हस्ताक्षर होंगे। समझौते के तहत दोनों पक्षों ने मिडिल ईस्ट में सभी मोर्चों पर और लेबनान के खिलाफ सभी सैन्य ऑपरेशन तुरंत और स्थायी रूप से खत्म करने की घोषणा की है।

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इजरायल ने ठुकराई लेबनान वाली शर्त

वहीं इजरायल ने लेबनान वाली शर्त रिजेक्ट की हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि वे अमेरिका-ईरान समझौते की लेबनान से संबंधित शर्तों को स्वीकार नहीं करते। वही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि नेतन्याहू बहुत कठिन इंसान हैं। उन्हें हमारे किए गए काम के लिए बहुत आभारी होना चाहिए। अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होते तो इजरायल 2 घंटे टिक नहीं पाता। नेतन्याहू का कहना है कि किसी क्लॉज के तहत IDF लेबनान से पीछे नहीं हटेगी और वे खुद को भी किसी शर्त से बंधा नहीं मानते।

परमाणु समझौता नहीं तो हमला करेंगे

राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान और अमेरिका 60 दिन के भीतर अंतिम परमाणु समझौते पर नहीं पहुंचते तो अमेरिकी सेना फिर से सैन्य हमले शुरू कर देगी। युद्ध रोकने के लिए शुरुआती समझौता हो गया है, लेकिन असली परीक्षा होनी अभी बाकी है। ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका को संतुष्ट करने वाला समझौता करना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका के पास पहला ऑप्शन यह होगा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू की जाए। दूसरा यह कि अमेरिका ‘मिडिल ईस्ट का संरक्षक’ बन जाएगा और बदले में मिडिल ईस्ट की आय का 20% हिस्सा लेगा।

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First published on: Jun 15, 2026 06:12 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। 13 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी हूं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के माल‍िकाना हक वाले News 24 हिंदी डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हूं। चीफ सब एडिटर की भूमिका निभाते हुए यहां की कोर टीम का हिस्सा हूं। नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम, यूटिलिटी, एजुकेशन, फीचर आदि विषयों पर अच्छी पकड़ है। घूमने, खाने और शॉपिंग की शौकीन खुशबू को नए ट्रेंड, नई जगह और ऐडवेंचर की तलाश रहती है।

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