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दुनिया

बांग्लादेश में नहीं थम रहा हिंदुओं का कत्लेआम, एक और हिंदू की बेरहमी से की गई हत्या

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है. नरसिंगदी में एक और हिंदू व्यापारी की चाकू गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई.

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Written By: Raja Alam Updated: Jan 15, 2026 21:59

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लोगों और व्यापारियों को निशाना बनाने का खौफनाक सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामला नरसिंगदी जिले का है जहां सोमवार रात करीब 11 बजे किराना दुकानदार मोनी चक्रवर्ती की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई. मोनी अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे तभी रास्ते में अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार किए जिससे वह मौके पर ही गिर पड़े. स्थानीय लोग उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पलाश थाना प्रभारी शाहिद अल मामून ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हत्या में तेज हथियार का इस्तेमाल हुआ है और पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है.

एक ही दिन में दो हिंदू व्यवसायियों की हत्या

हैरानी की बात यह है कि मोनी चक्रवर्ती की हत्या उसी दिन हुई जिस शाम जेसोर जिले में एक अन्य हिंदू बिजनेसमैन और अखबार के संपादक राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या की गई थी. 38 साल के राणा प्रताप एक फैक्ट्री के मालिक थे और उनके सिर में गोली मारी गई थी. महज कुछ ही घंटों के भीतर दो अलग-अलग जिलों में हुई इन वारदातों ने बांग्लादेश में रहने वाले अल्पसंख्यकों के बीच भारी डर पैदा कर दिया है. नरसिंगदी इलाके में पुलिस ने सुरक्षा तो बढ़ा दी है लेकिन अब तक हमलावरों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है जिससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ काफी गुस्सा है.

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पिछले 25 दिनों में कई हिंदू युवकों को बनाया गया निशाना

बांग्लादेश में दिसंबर महीने से ही हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का एक नया दौर शुरू हो गया है जिसमें अब तक कई युवाओं की जान जा चुकी है. 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और उसके ठीक छह दिन बाद अमृत मंडल नाम के युवक को भी मौत के घाट उतार दिया गया था. इसी कड़ी में 11 जनवरी को चटगांव में समीर दास नाम के एक ऑटो ड्राइवर पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई और हत्यारे उसका ऑटो भी लूटकर ले गए. एक के बाद एक हो रही इन हत्याओं से यह साफ नजर आ रहा है कि हिंदू समुदाय को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है जिससे वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

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सुरक्षा को लेकर चिंता में अल्पसंख्यक समुदाय

हाल के हफ्तों में जिस तरह से हिंदू व्यापारियों और पेशावर लोगों पर हमले बढ़े हैं उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता पैदा कर दी है. स्थानीय हिंदू समुदाय का कहना है कि वे अब अपने घरों से बाहर निकलने और व्यापार करने में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. पुलिस हर बार जांच का भरोसा तो देती है लेकिन अपराधियों की गिरफ्तारी न होने से कट्टरपंथियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं. इन हत्याओं के पीछे छिपी साजिश और बढ़ती नफरत ने बांग्लादेश के सामाजिक ढांचे को बुरी तरह हिला दिया है. लोग अब सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि मासूम लोगों की जान बचाई जा सके और अल्पसंख्यकों को सुरक्षा का अहसास हो सके.

First published on: Jan 15, 2026 09:59 PM

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