Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

दुनिया

‘होर्मुज में कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना अस्वीकार्य’, UN में मिडिल ईस्ट संघर्ष पर भारत की दो टूक

दुनिया के सबसे बड़े समुद्री ट्रेड रूट में एक होर्मुड स्ट्रेट बंद से कई देशों पर बड़ा असर देखने को मिल रहा है। ईरान अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में बैठक हुई। इसमें भारत ने अपना सख्त रुख दिखाया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

Author
Edited By : Raghav Tiwari Updated: Apr 17, 2026 09:43

ईरान और अमेरिका के बिगड़े संबंध के चलते अभी तक दुनिया का सबसे बड़े जलमार्गों में एक होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया है। ईरान इसे खोलने के लिए लगातार धमकी दे रहा है। यहां तक कि होर्मुज में अमेरिका ने नाकाबंदी कर दी। वहीं ईरान अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है। अफगानिस्तान में बैठक फेल होने के बाद दोबारा बैठक होने के प्रयास हो रही है। इसी बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा में बैठक हुई। इसमें भारत ने अपना सख्त रुख दिखाया।

भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पी ने गुरुवार को होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों के लिए मंडरा रहे खतरों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच संयम और तनाव कम करने का आह्वान करते हुए सुरक्षित नौवहन की तत्काल बहाली का आग्रह किया।

---विज्ञापन---

दरअसल, संयुक्त राष्ट्र महासभा में वीटो पहल के तहत मिडिल ईस्ट की स्थिति पर हुई बहस में भारत का बयान देते हुए हरीश पी ने इस बात पर जोर दिया कि समुद्री सुरक्षा भारत के ऊर्जा और आर्थिक हितों के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा के लिए विशेष चिंता का विषय होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों का आवागमन है। भारत ने इस बात पर गहरा खेद व्यक्त किया है कि इस संघर्ष में कमर्शियल जहाजों को सैन्य हमलों का निशाना बनाया गया।

यह भी पढ़ें: इजराइल और लेबनान में 10 दिन का सीजफायर, 34 साल बाद हुई दोनों देशों में बात; ट्रंप ने किया

---विज्ञापन---

हरीश पी ने कहा कि संघर्ष के दौरान जहाजों पर सवार भारतीय नाविकों की बहुमूल्य जानें चली गई हैं। भारत ने नागरिक समुद्री गतिविधियों पर हमलों की कड़ी निंदा की और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हम दोहराते हैं कि कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना और निर्दोष नागरिक चालक दल के सदस्यों को खतरे में डालना या होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता में किसी भी तरह की बाधा डालना अस्वीकार्य है। वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर जोर देते हुए, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया।

हरीश ने कहा कि इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह से सम्मान किया जाना चाहिए। हम आग्रह करते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की स्वतंत्रता को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।

यह भी पढ़ें: ‘ईरान 440KG यूरेनियम सौंपेंगा तो…’, ट्रंप ने किया चौंकाने वाला दावा, बोले- मैं खुद जाऊंगा

First published on: Apr 17, 2026 07:40 AM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.