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ट्रंप के बाद जिनपिंग का खतरनाक ‘गेम’, अमेरिका ने किया होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक, चीन ने की इस पॉइंट की नाकेबंदी

China Blocks Scarborough Shoal: मिडिल ईस्ट की जंग के बीच चीन ने समुद्र में बड़ा गेम खेल दिया है। जैसे अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉक की, उसी तरह चीन ने स्कारबोरो शोल को ब्लॉक कर दिया है। इसे लेकर चीन का फिलीपींस के साथ विवाद चल रहा है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी करके दुनिया के लिए टेंशन खड़ी कर दी। वहीं अब चीन ने भी समुद्र में बड़ा खेल कर दिया है। चीन ने साउथ चाइन के समुद्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए स्कारबोरो शोल को ब्लॉक कर दिया है, यानी होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जहां अमेरिका और ईरान आमने-सामने हैं। वहीं अब स्कारबोरो शोल को लेकर चीन और फिलीपींस आमने-सामने हो सकते हैं। क्योंकि कई द्वीपों का यह समूह चीन-फिलीपींस के बीच विवाद का केंद्र है।

चीन के कोस्ट गार्ड और फ्लोटिंग बैरियर तैनात

बता दें कि स्कारबोरो शोल पर चीन की पाबंदियां दुनिया में एक और बड़े टकराव के संकेत हैं। वहीं इस आइलैंड को ब्लॉक करके चीन ने नया रणनीतिक दांव खेला है। सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन ने स्कारबोरो शोल में नावों, कोस्ट गार्ड जहाजों और एक बड़े फ्लोटिंग बैरियर को तैनात किया है, जिसके जरिए एंट्री पॉइंट को पूरी तरह बंद करने का प्रयास किया गया है। क्योंकि यह इलाका फिलीपींस के लिए भी जरूरी है, इसलिए चीन के फैसले पर आपत्ति जताई जा सकती है।

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फिलीपींस के मछुआरे मछली पकड़ने आते

स्कारबोरो शोल छोटा-सा समुद्री इलाका नहीं है, बल्कि मछली पकड़ने का एरिया है। फिलीपींस के मछुआरे इस एरिया में मछली पकड़ने आते हैं, लेकिन चीन इस इलाके पर अपना दावा ठोकता है, जबकि यह इलाका फिलीपींस के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में आता है। सालों से चीन और फिलीपींस के बीच इस इलाके को लेकर विवाद गहराया हुआ है। अचानक अब चीन ने करीब 350 मीटर लंबा फ्लोटिंग बैरियर लगाकर इस इलाके में फिलीपींस के मछुआरों की एंट्री रोक दी है।

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चीन ने सैन्य बैरियर लगाकर टकराव बढ़ाया

चीनी सेना की फिशिंग बोट्स और कोस्ट गार्ड जहाज इस इलाके में तैनात हो गए हैं। फिलीपींस ने आरोप लगाया है कि चीन अपने मैरीटाइम मिलिशिया के जरिए दबाव बना रहा है। फिलीपींस के मछुआरों को इस इलाके में घुसने नहीं देता है, बल्कि वापस भगा देता है। फिलीपींस ने पहले बैरियर्स हटा दिए थे, लेकिन इस बार चीन ने सैन्य बैरियर लगाए हैं। इसलिए फिलीपींस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अपने कोस्ट गार्ड और नौसेना के जहाज तैनात कर दिए हैं, जिससे टकराव का खतरा बढ़ा है।

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अमेरिका के व्यस्त होने का फायदा उठाया

बता दें कि अमेरिका मामले में फिलीपींस का समर्थक है। हाल ही में इस इलाके के पास अमेरिका और फिलीपींस ने संयुक्त सैन्य अभ्यास किया था। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने इलाके में चीन के बढ़ते सैन्य दबदबे को लेकर बात भी की थी। क्योंकि अमेरिका का फोकस इस समय मिडिल ईस्ट पर है, इसलिए चीन फायदा उठाते हुए उधर ताइवान को घेर रहा है तो इधर फिलीपींस से पंगा ले रहा है। चीन 2012 से स्कारबोरो शोल के पीछे पड़ा है, जबकि साल 2016 में अंतरराष्ट्रीय अदालत ने फिलीपींस के पक्ष में फैसला भी दिया था, जिससे मानने से चीन ने इनकार कर दिया था।

First published on: Apr 16, 2026 11:25 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

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