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ईरान में क्यों उठी सत्ता परिवर्तन की मांग? ‘तानाशाह मुर्दाबाद’ के नारों के साथ 21 राज्यों में हिंसा और प्रदर्शन

'तानाशाह मुर्दाबाद, फांसी पर चढ़ा दो', 21 राज्यों में हिंसा और विरोध प्रदर्शन, ईरान में क्यों बिगड़े हालात?

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Protest And Violence in Iran: मध्य पूर्व के मुस्लिम देश ईरान में नए साल की शुरुआत बेहद खराब हुई है. क्योंकि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ लोगों को मोर्चा खोल दिया है. हजारों लोग और छात्र सड़कों पर उतर कर हिंसा और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिस कारण हालात बेहद खराब हैं. करीब 21 राज्यों में विद्रोह की आग फैली हुई है. तानाशाह मुर्दाबाद और डेथ टू डिक्टेटर के नारे लगाते हुए लोग खामेनेई के लिए मौत की सजा मांग रहे हैं.

आर्थिक संकट से जूझ रहा है ईरान

मामला ईरान की बिगड़ती अर्थव्यवस्था का है. ईरान आजकल गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है. महंगाई, मुद्रा संकट और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के चलते देश में महंगाई बढ़ती जा रही है. वर्तमान में देश में महंगाई की दर 42.5 प्रतिशत तक पहुंच गई है. साल 2025 में ईरानी रियाल भी डॉलर के मुकाबले अपनी आधी कीमत खो चुका है. जून 2025 में इजरायल और अमेरिकी सेना के हवाई हमलों से परमाणु और सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान ने भी हालात खराब किए हैं.

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ईरान में राजनीतिक-सामाजिक संकट

सरकारी प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे शांति बनाए रखें, क्योंकि सरकार व्यापारियों और ट्रेड यूनियनों से सीधे बातचीत चल रही है, लेकिन महंगाई और आर्थिक बदहाली के खिलाफ उठी आवाजें ईरान के लिए एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक संकट बन रही हैं. बीते दिन तो विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें कई लोगों की मौत हुई और सुरक्षा बल का एक जवान भी मारा गया. वहीं हिंसा-विद्रोह की यह आग अब करीब 21 राज्यों में फैल गई है.

कई शहरों तक पहुंची विद्रोह की ज्वाला

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पहले राजधानी तेहरान में विद्रोह की ज्वाला भड़की, जो अब पश्चिमी शहरों लोरदेगन, कुहदश्त और इस्फहान प्रांत में फैल गई है. ईरान के मीडिया और मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, देश के कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हुईं. तेहरान विश्वविद्यालय के छात्रों ने तानाशाह मुर्दाबाद के नारे लगाए. 1979 की इस्लामिक क्रांति में अपदस्थ किए गए शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे रजा पहलवी लीडर हैं.

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इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी न्यूज एजेंसी ने बताया कि लोरदेगन में हिंसक झड़प में 2 लोगों की जान गई है. कुहदश्त में अर्धसैनिक बल के एक सदस्य की मौत हुई है और 13 लोग घायल हुए हैं. दक्षिणी फार्स प्रांत के मरवदश्त, केर्मानशाह, खुजेस्तान और हमेदान प्रांतों में प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारियां दी है.

First published on: Jan 02, 2026 06:19 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

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