दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली नेताओं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में फोन पर लंबी और महत्वपूर्ण बातचीत हुई है. इस चर्चा को लेकर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इस बातचीत को ‘अत्यंत सार्थक’ बताते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी है. ‘न्यूयार्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को हुई इस कॉल में एलन मस्क की मौजूदगी ने सबको हैरान कर दिया है. एएनआई (ANI) के सवाल का जवाब देते हुए कैरोलिन लीविट ने मस्क की मौजूदगी पर सीधे टिप्पणी तो नहीं की, लेकिन यह जरूर कहा कि “राष्ट्रपति ट्रंप के प्रधानमंत्री मोदी के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं और यह एक सार्थक बातचीत थी.”
ट्रंप और मस्क के सुधरते रिश्तों का संकेत
न्यूयॉर्क टाइम्स ने दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि मस्क की भागीदारी ट्रंप के साथ उनके संबंधों में स्पष्ट सुधार का संकेत देती है. अधिकारियों का मानना है कि मस्क की इस भागीदारी ने ट्रंप के साथ उनके संबंधों में आए ‘स्पष्ट सुधार’ पर मुहर लगा दी है. गौर करने वाली बात यह है कि पिछले साल सरकारी पद से इस्तीफा देने और ‘सरकारी दक्षता विभाग’ (DOGE) को लेकर हुए मतभेदों के बाद दोनों के बीच दूरियां आ गई थीं, लेकिन अब मस्क फिर से ट्रंप के सबसे करीबी भरोसेमंद बनकर उभरे हैं.
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भारत का कड़ा रुख
बातचीत केवल मस्क तक सीमित नहीं थी. पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि चर्चा का मुख्य केंद्र पश्चिम एशिया का युद्ध था. पीएम मोदी ने खुद सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से क्षेत्र में शांति बहाली और तनाव कम करने को लेकर चर्चा की. भारत ने स्पष्ट किया है कि ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों का सुरक्षित और खुला रहना पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य है.
व्हाइट हाउस ने क्या कहा?
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कैरोलिन लीविट ने इस कॉल की पुष्टि की. हालांकि उन्होंने सुरक्षा कारणों से बातचीत के सभी विवरण साझा नहीं किए, लेकिन यह जरूर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच आपसी सम्मान और दोस्ती का रिश्ता बहुत गहरा है. उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देश व्यापार, ऊर्जा और वैश्विक सुरक्षा के मोर्चे पर एक साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.










