कट्टरपंथी इस्लामी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) की तरफ से गाजा में इजरायली सेना की कार्रवाई, हमले, नरसंहार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया था. प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास को घेरने का ऐलान किया, प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस को तैनात किया गया. प्रदर्शनकारियों और पुलिस में हिंसक झड़प में कई लोगों की मौत हो चुकी है. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, TLP चीफ मौलाना साद को गोली लगी है.
जानकारी के मुताबिक, मुरीदके को पाकिस्तानी रेंजर्स ने घेर लिया है. पाक पुलिस प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, वहीं प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन को तेज करने का ऐलान कर दिया है और पंजाबभर में प्रदर्शन करने की धमकी दे चुके हैं.
सोमवार की तस्वीरों में कई वाहनों को जलते हुए दिखाया गया है, जिसमें एक ट्रक भी शामिल है जो पार्टी के पदाधिकारियों को ले जा रहा था, जिसे उन्होंने लाहौर से इस्लामाबाद तक “लॉन्ग मार्च” निकालने की बात कही. वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए गृह मंत्री मोहसिन नकवी के साथ बैठक की.
विरोध प्रदर्शनों के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने लाहौर और इस्लामाबाद के आसपास की सड़कों और मोटरमार्गों को बंद कर दिया है. बड़े पैमाने पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी. मुरीदके में TLP के विरोध शिविर को घेर लिया गया है. टीएलपी समर्थक लाहौर के पास मुरीदके में डेरा डाले हुए हैं.
कब शुरू हुआ क्लैश?
दरअसल पिछले गुरुवार तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान ने लाहौर में अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया और इजरायल- हमास के बीच युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के गाजा समझौते के विरोध में मार्च निकालने की घोषणा की. यह मार्च इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास तक निकाला जाना था. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को प्रदर्शन हिंसक हो गए, जब कट्टरपंथी पार्टी ने इस्लामाबाद तक ‘लब्बैक या अक्सा मिलियन मार्च’ का आह्वान कर दिया.