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दुनिया

ऑपरेशन सिंदूर के जख्म चीन से भरवा रहा पाकिस्तान! हवाई ताकत बढ़ाने के लिए ताक रहा है ड्रैगन का मुंह

ऑपरेशन सिंदूर में नुकसान के बाद पाकिस्तान अब चीन के KJ-500 AWACS विमान खरीदने की तैयारी में है, जिससे वो अपनी हवाई ताकत बढ़ाने की तैयारी कर रहा है.

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Written By: Varsha Sikri Updated: Apr 11, 2026 18:12
Pakistan and China
Credit: News24

भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर को लगभग एक साल बीत चुका है, लेकिन पाकिस्तान के जख्म अभी तक नहीं भर पाए हैं. अब पाकिस्तान अपने घाव पर मरहम लगवाने के लिए चीन का मुंह देख रहा है. पाकिस्तान अपने हवाई ताकत को मजबूत करने की कोशिश में जुटा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान चीनी KJ-500 AWACS (एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम) विमान खरीदने पर विचार कर रहा है. दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के एक अहम Saab 2000 Erieye AWACS विमान को निशाना बनाया था. इस घटना ने पाकिस्तान की हवाई निगरानी और कमांड सिस्टम की कमजोरी को उजागर कर दिया.

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चीन का विमान क्यों है खास?

अब पाकिस्तान इस कमी को पूरा करने के लिए चीन के एड्वांस्ड KJ-500 विमान को अपनी वायुसेना में शामिल करना चाहता है. KJ-500 एक आधुनिक AWACS (Airborne Warning and Control System) प्लेटफॉर्म है, जिसे ‘फ्लाइंग रडार’ भी कहा जाता है. ये विमान 360 डिग्री में निगरानी करने में सक्षम है और दुश्मन के फाइटर जेट, मिसाइल और ड्रोन को काफी दूर से पहचान सकता है. KJ-500 की सबसे बड़ी खासियत इसका एडवांस रडार सिस्टम और नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर क्षमता है. ये विमान केवल निगरानी ही नहीं करता, बल्कि लड़ाकू विमानों और मिसाइल सिस्टम को एक साथ जोड़कर बेहतर वॉर मैनेजमेंट में मदद करता है. इससे पाकिस्तान की वायुसेना को भविष्य में तेज और सटीक निर्णय लेने में मदद मिल सकती है.

क्या होगा असर?

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, AWACS विमान को लेकर चीन और पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच औपचारिक बातचीत जून 2025 में शुरू हुई थी. वहीं, मौजूदा समय में पाकिस्तान के पास स्वीडन के Saab 2000 Erieye जैसे विमान हैं, जिनकी क्षमता सीमित मानी जाती है. इन विमानों में 360 डिग्री कवरेज नहीं होता और कुछ हिस्सों में ‘ब्लाइंड स्पॉट’ भी रहता है. रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि अगर पाकिस्तान KJ-500 को अपनी सेना में शामिल करता है, तो इससे भारत-पाकिस्तान के बीच हवाई संतुलन पर असर पड़ सकता है. हालांकि, भारत की वायुसेना पहले से ही आधुनिक सिस्टम और मजबूत एयर डिफेंस नेटवर्क से लैस है, जिसने ऑपरेशन सिंदूर में अपनी ताकत साबित की थी.

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First published on: Apr 11, 2026 06:12 PM

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