कौन है Imran Khan का वो ‘योद्धा’, मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के बेटे को हराया जिसने
Pakistan Election Result 2024 Update: मुंबई में आतंकी हमला कराने वाले हाफिज सईद का बेटा ताल्हा पाकिस्तान में आम चुनाव 2024 हार गया है।
Edited By : Khushbu Goyal|Updated: Feb 9, 2024 16:09
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Hafiz Saeed
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Terrorist Hafiz Saeed Son Talha Lost Lahore Seat: पाकिस्तान में आम चुनाव 2024 की मतगणना चल रही है। इस बीच बड़ी खबर सामने आई है कि मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का बेटा तल्हा हाफिज सईद चुनाव हार गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, तल्हा को लाहौर के NA-122 निर्वाचन क्षेत्र में इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार लतीफ खोसा ने हराया है। तल्हा को सिर्फ 2024 वोट मिले। लतीफ खोसा को 117109 वोट मिले। नवाज शरीफ की पार्टी के उम्मीदवार साद रफीक 77907 वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे।
PTI के समर्थन से आतंकवादी हाफिज सईद की पार्टी पाकिस्तानी मरकजी मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान के आम चुनाव में कई सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे, लेकिन सईद का खुद का बेटा चुनाव हार गया, जिससे हाफिज सईद को बड़ा झटका लगा है। अपने आतंकी बेटे को पाकिस्तान की राजनीति में सेट करने के मंसूबों पर पानी फिर गया।
In the elections held in Pakistan, the Pakistan Army has suffered a big setback. Talha Saeed, son of Hafiz Saeed, the chief of the global terrorist organization Lashkar-e-Taiba and India's most wanted terrorist, has lost the election... pic.twitter.com/mSZvULamf2
बता दें कि हाफिज सईद के कहने पर ही लश्कर-ए-तैयबा ने राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) बनाई थी, क्योंकि हाफिज सईद पाकिस्तान की राजनीति में अपने पांव जमाना चाहता है। पार्टी का चुनाव चिह्न कु्र्सी था। हाफिज सईद ने इस पार्टी को पाकिस्तान के आम चुनाव 2018 बाद गठित किया था। इसे जमात-उद-दावा का उत्तराधिकारी बताया गया था।
2018 के चुनाव में जमात-उद-दावा को प्रतिबंधित कर दिया गया था, तब हाफिज की पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग ने चुनाव लड़ा था, लेकिन नवगठन के चलते कोई उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत पाया था। सभी की जमानत जब्त हो गई थी। इंटरनेशनल प्रेशर के कारण पाकिस्तान ने जमात-उद-दावा और मिल्ली मुस्लिम लीग पर प्रतिबंध लगा दिया तो हाफिज ने पार्टी का नाम बदलकर पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग रख दिया।
हाफिज सईद इंटरनेशनल टेररिस्ट घोषित
बता दें कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में आतंकी हमला हुआ था। इसमें 6 अमेरिकियों समेत 166 लोग मारे गए थे। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने ली थी और हमले का मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद था। इसके चलते संयुक्त राष्ट्र संघ ने हाफिज सईद को इंटनेशनल टेररिस्ट घोषित कर दिया गया था। हाफिज सईद ने ही आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LET) बनाया था। हाफिज के संगठन से जुड़े कई नेता साल 2019 से जेल में कैद हैं। वहीं हाफिज सईद पाकिस्तान की राजनीति में अपनी पकड़ बनाने की कोशिशों में है।
Terrorist Hafiz Saeed Son Talha Lost Lahore Seat: पाकिस्तान में आम चुनाव 2024 की मतगणना चल रही है। इस बीच बड़ी खबर सामने आई है कि मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का बेटा तल्हा हाफिज सईद चुनाव हार गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, तल्हा को लाहौर के NA-122 निर्वाचन क्षेत्र में इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार लतीफ खोसा ने हराया है। तल्हा को सिर्फ 2024 वोट मिले। लतीफ खोसा को 117109 वोट मिले। नवाज शरीफ की पार्टी के उम्मीदवार साद रफीक 77907 वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे।
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PTI के समर्थन से आतंकवादी हाफिज सईद की पार्टी पाकिस्तानी मरकजी मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान के आम चुनाव में कई सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे, लेकिन सईद का खुद का बेटा चुनाव हार गया, जिससे हाफिज सईद को बड़ा झटका लगा है। अपने आतंकी बेटे को पाकिस्तान की राजनीति में सेट करने के मंसूबों पर पानी फिर गया।
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In the elections held in Pakistan, the Pakistan Army has suffered a big setback. Talha Saeed, son of Hafiz Saeed, the chief of the global terrorist organization Lashkar-e-Taiba and India’s most wanted terrorist, has lost the election… pic.twitter.com/mSZvULamf2
बता दें कि हाफिज सईद के कहने पर ही लश्कर-ए-तैयबा ने राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) बनाई थी, क्योंकि हाफिज सईद पाकिस्तान की राजनीति में अपने पांव जमाना चाहता है। पार्टी का चुनाव चिह्न कु्र्सी था। हाफिज सईद ने इस पार्टी को पाकिस्तान के आम चुनाव 2018 बाद गठित किया था। इसे जमात-उद-दावा का उत्तराधिकारी बताया गया था।
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2018 के चुनाव में जमात-उद-दावा को प्रतिबंधित कर दिया गया था, तब हाफिज की पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग ने चुनाव लड़ा था, लेकिन नवगठन के चलते कोई उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत पाया था। सभी की जमानत जब्त हो गई थी। इंटरनेशनल प्रेशर के कारण पाकिस्तान ने जमात-उद-दावा और मिल्ली मुस्लिम लीग पर प्रतिबंध लगा दिया तो हाफिज ने पार्टी का नाम बदलकर पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग रख दिया।
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हाफिज सईद इंटरनेशनल टेररिस्ट घोषित
बता दें कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में आतंकी हमला हुआ था। इसमें 6 अमेरिकियों समेत 166 लोग मारे गए थे। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने ली थी और हमले का मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद था। इसके चलते संयुक्त राष्ट्र संघ ने हाफिज सईद को इंटनेशनल टेररिस्ट घोषित कर दिया गया था। हाफिज सईद ने ही आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LET) बनाया था। हाफिज के संगठन से जुड़े कई नेता साल 2019 से जेल में कैद हैं। वहीं हाफिज सईद पाकिस्तान की राजनीति में अपनी पकड़ बनाने की कोशिशों में है।