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अलर्ट! भीषण ‘भूकंप-तूफान’ के लिए तैयार रहें; आज 4500000 मील की रफ्तार से धरती की ओर आ रहे 2 Asteroid?

NASA America Latest Alert: अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा ने एक बार फिर 2 एस्ट्रॉयड के धरती से टकराने का अलर्ट जारी किया है। हालांकि इनसे धरती को कोई खतरा नहीं है, लेकिन वैज्ञानिकों ने कुछ घटनाएं होने की आशंका जताई है।

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Asteroids Earth Collision Today: धरती पर पिछले कई दिन से एस्ट्रॉयड की खूब बारिश हो रही है। आए दिन कोई न कोई एस्ट्रॉयड धरती की तरफ आ जाता है और वैज्ञानिकों को खतरा महसूस होने लगता है। एक बार फिर 2 एस्ट्रॉयड धरती की तरफ बढ़ रहे हैं। आज 24 सितंबर की रात को दोनों एस्ट्रॉयड धरती के काफी पास से गुजरेंगे। हालांकि दोनों के धरती से टकराने से संभावनाएं बेहद कम हैं, लेकिन फिर भी वैज्ञानिकों ने इनके धरती के करीब से गुजरने पर कंपन महसूस होने, भूकंप-तूफान जैसी घटनाएं होने की आशंका जताई है। इन एस्ट्रॉयड को धरती के पास से गुजरते हुए देखा भी जा सकता है।

 

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स्पेशल दूरबीन से देखे जा सकते एस्ट्रॉयड

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक एस्ट्रॉयड का नाम 2024 RO11 है, जो करीब 120 फुट का है और यह धरती के करीब 4580000 मील की रफ्तार से आ रहा है। दूसरे एस्ट्रॉयड का नाम 2020GE है, जो करीब 26 फुट का है, जो करीब 410000 मील दूर से धरती के करीब से गुजरेगा। यह दूसरी पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी से थोड़ी ज्यादा है। नासा की जेट प्रोपल्शन लैब इन एस्ट्रॉयड पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि दोनों एस्ट्रॉयड से धरती को कोई खतरा नहीं, लेकिन स्पेशल दूरबीन से लोग इनकी झलक देख सकते हैं। कल 25 सितंबर की रात को भी एक एस्ट्रॉयड 2024 RK7 धरती के करीब से गुजरेगा और यह करीब 100 फीट व्यास का है।

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क्या हैं एस्ट्रॉयड और कैसे बनते हैं?

बता दें कि एस्ट्रॉयड धातु और खनिज पदार्थों का मिश्रण होते हैं और चट्टान जैसे दिखते हैं। एस्ट्रॉयड ग्रहों की परिक्रमा करते रहते हैं। कुछ एस्ट्रॉयड धरती के करीब से गुजरते हैं तो कुछ घूमते-घूमते धरती के वायुमंडल में आ जाते हैं, तब इन्हें उल्का पिंड कहते हैं और लोगों को यह नंगी आंखों से भी नजर आ जाते हैं। इन उल्का पिंडों को आकाश में चमकीली रोशनी के रूप में देखा जा सकता है। एस्ट्रॉयड सौर मंडल के अवशेष हैं, जो 4.6 बिलियन वर्ष पहने बन गए थे। जब ग्रह अपने आकार में आ रहे थे, तब मिट्टी और गैस के कण आपस में टकराकर ग्रहों के छोटे-छोटे टुकड़े बन गए, जिन्हें एस्ट्रॉयड कहा जाता है। ज्यादातर एस्ट्रॉयड बृहस्पति ग्रह की बेल्ट में रहते हैं, जिसकी ग्रैविटी ने इन एस्ट्रॉयड को ग्रह बनने नहीं दिया।

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First published on: Sep 23, 2024 08:07 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

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