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मिडिल ईस्ट के 3 ‘दुश्मन’ दोस्त भी तो हैं… भारत में 2 दिन आमने-सामने क्यों बैठेंगे ईरान-UAE और सऊदी अरब?

BRICS Summit in India: भारत में मई महीने में 17वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन होने वाला है, जिसमें जंग में एक दूसरे के विरोधी 3 देश एक टेबल पर साथ बैठकर चाय नाश्ते पर चर्चा करते दिखेंगे।

BRICS Summit in India: मिडिल ईस्ट की जंग में ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) दुश्मनों की तरह लड़ रहे हैं, लेकिन तीनो दोस्त भी हैं, जिसका सबूत अगले महीने भारत में देखने को मिलेगा। दरअसल, ईरान ने अमेरिका के हमलों के जवाब में सऊदी अरब और UAE में अमेरिकी ठिकानों पर हमले करके तबाही मचाई। इस वजह से दोनों देश ईरान के विरोधी बन गए हैं। UAE तो अब ईरान के खिलाफ जंग में उतरने की प्लानिंग कर रहा है और अमेरिका का साथ देने का ऐलान कर चुका है।

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ब्रिक्स के सदस्य देश ईरान-UAE और सऊदी अरब

दरअसल, मामला यह है कि युद्ध के मैदान में एक दूसरे के आमने-सामने होने के बावजूद तीनों देश एक टेबल पर बैठकर दोस्तों की तरह चर्चा करने भी दिखेंगे। कहने का मतलब यह है कि बेशक तीनों देशों में अभी तनाव बना हुआ है, लेकिन असल में वे दोस्त हैं और एक इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन के मेंबर हैं, जिसकी बैठक अगले महीने भारत में होने जा रही है। जी हां, भारत में 14-15 मई को 17वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन होने जा रहा है, जिसके मेंबर ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी हैं।

14 और 15 मई को नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट 2026

बता दें कि भारत 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करेगा। नई दिल्ली में 14-15 मई को सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक होगी। भारत की ओर से सदस्य देशों रूस, ईरान, UAE, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और दक्षिण अफ्रीका को निमंत्रण भेज दिया गया है। ब्रिक्स ग्रुप के फाउंडर मेंबर ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका है। वहीं साल 2024 में मिस्र, इथोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) एवं साल 2025 में इंडोनेशिया को भी ब्रिक्स ग्रुप का मेंबर बनाया गया था।

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ईरान की ब्रिक्स से युद्ध का विरोध करने की अपील

बता दें कि ब्रिक्स के सदस्य देशों की कुल अनुमानित जनसंख्या 3.9 अरब है, जो वैश्विक जनसंख्या का 48 प्रतिशत है। रूस की ओर से विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव बैठक में भाग लेंगे, इसकी पुष्टि हो चुकी है। गत 14 मार्च को ईरान की अपील के बाद भारत ने बयान जारी किया कि मिडिल ईस्ट के युद्ध पर ब्रिक्स देशों का जॉइंट स्टेटमेंट आना मुश्किल होगा। हालांकि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि ब्रिक्स के कुछ देश युद्ध का हिस्सा हैं, इसलिए युद्ध के खिलाफ संयुक्त बयान करना संभव भी नहींं हैं।

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First published on: Apr 02, 2026 09:03 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

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