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दुनिया पर फिर छाया 'लॉकडाउन' का साया? 'ऊर्जा संकट' के लिए कई देशों ने शुरू कर दी तैयारी

Oil Crisis 2026: दुनिया भर में एयरलाइंस उड़ानें कम कर रही हैं. यूनाइटेड एयरलाइंस ने ही इस हफ्ते 5 प्रतिशत उड़ानें काट दीं, जबकि अन्य कंपनियां भी ऐसा कर रही हैं.

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मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ चल रहे तनाव ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लगभग बंद कर दिया है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है. इस वजह से कच्चे तेल की कीमतें 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जबकि अमेरिका में गैसोलीन 5 डॉलर प्रति गैलन पर है. ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से खाद्य वस्तुओं समेत हर चीज महंगी हो रही है और खाद्य सुरक्षा पर भी संकट मंडरा रहा है.

दुनिया पर छाया ‘लॉकडाउन’ का साया


दुनिया भर में एयरलाइंस उड़ानें कम कर रही हैं. यूनाइटेड एयरलाइंस ने ही इस हफ्ते 5 प्रतिशत उड़ानें काट दीं, जबकि अन्य कंपनियां भी ऐसा कर रही हैं. जापान और दक्षिण कोरिया में ईंधन राशनिंग शुरू हो चुकी है, वहीं बांग्लादेश, फिलीपींस और श्रीलंका में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं. भारत जैसे देश जहां 80 प्रतिशत तेल इसी मार्ग से आता है, वहां महंगाई का दबाव तेजी से बढ़ रहा है.

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भविष्य के लिए क्या है तैयारी?


अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने ‘Sheltering from Oil Shocks’ नामक 10-सूत्री योजना जारी की है, जो मांग घटाने पर केंद्रित है. इसमें वाहनों के लिए लाइसेंस प्लेट आधारित दिनों का निर्धारण, हाईवे पर स्पीड लिमिट, हवाई यात्रा में कटौती, घर से काम और इलेक्ट्रिक चूल्हों का उपयोग जैसे कदम शामिल हैं. एजेंसी का कहना है कि कोविड जैसी ये रणनीतियां ऊर्जा संकट से निपटने में कारगर साबित होंगी, हालांकि असर लॉकडाउन सा ही होगा.

कई देशों ने शुरू की तैयारी


ऑस्ट्रेलिया जैसी सरकारें गैर-जरूरी यात्राओं पर रोक लगा रही हैं, जो कोविड वाली भाषा की याद दिलाती है. अगर संकट लंबा खिंचा तो डिजिटल परमिट सिस्टम तक बात पहुंच सकती है, जहां यात्रा व उपभोग नियंत्रित हों. विशेषज्ञों का मानना है कि यह ऊर्जा सुरक्षा का नाम होगा, लेकिन आमजन की आजादी पर असर पड़ेगा. भारत को वैकल्पिक स्रोतों पर जोर देकर तैयारी तेज करनी होगी.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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