ईरान से टक्कर लेना अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए जी का जंजाल बन गया है. अमेरिका ने सोचा था कि वो इजरायल के साथ मिलकर ईरान को नक्शे से मिटा देगा, लेकिन उल्टा ट्रंप को ही बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. जानकारी के मुताबिक, ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका में 81 मिलिट्री जेट्स तबाह हो गए, जिनकी कीमत करीब 31 हजार 943 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
अमेरिका को 3.3 अरब डॉलर का नुकसान
कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के युद्ध शुरू होने से लेकर अब तक ट्रंप सरकार ने करीब 3.3 अरब डॉलर की कीमत वाले 81 मिलिट्री एयरक्राफ्ट और ड्रोन खो दिए हैं. अमेरिका के लिए सबसे बड़ा दुख ये है कि उसने अपने सबसे आधुनिक कॉम्बेट एयरक्राफ्ट खो दिए, जिनमें F-35A लाइटनिंग II स्टील्थ फाइटर, F-15 जेट और MQ-9 रीपर ड्रोन शामिल हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि F-15 जेट की कीमत 3 करोड़ डॉलर से ज्यादा है, वहीं एक MQ-9 रीपर ड्रोन की कीमत 3 से 5 करोड़ डॉलर के बीच हो सकती है, जबकि 5वीं पीढ़ी के F-35A की कीमत 9.2 करोड़ डॉलर से ज्यादा बताई गई है.
अमेरिका ने क्या खोया?
इसके अलावा, अमेरिकी सेना ने एक E-3 सेंट्री एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग-एंड-कंट्रोल सिस्टम एयरक्राफ्ट, दो MC-130J कमांडो II स्पेशल ऑपरेशन्स एयरक्राफ्ट, एक HH-60W जॉली ग्रीन II कॉम्बैट सर्च-एंड-रेस्क्यू हेलिकॉप्टर, एक MQ-4C ट्राइटन हाई-ऑल्टिट्यूड लॉन्ग-एंड्योरेंस अनक्रूड एयरक्राफ्ट, तीन MQ-1 मल्टी-रोल अनक्रूड एयरक्राफ्ट और 45 MQ-9 रीपर मल्टी-रोल अनक्रूड एयरक्राफ्ट भी खो दिए. E-3 सेंट्री सर्विलांस प्लेन — जो बोइंग 707 एयरलाइनर पर आधारित एक पुराना लेकिन जरूरी प्लेटफॉर्म है , जिसकी कीमत 270 मिलियन डॉलर प्रति प्लेन है. एयर फोर्स के मुताबिक, 2015 तक अमेरिका के पास इनमें से सिर्फ 32 ही ऑपरेशन में थे. लड़ाई के दौरान अमेरिका ने एक AH-64 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर, चार AH-6 लिटिल बर्ड लाइट अटैक हेलिकॉप्टर और एक MH-60 सी हॉक मैरीटाइम हेलिकॉप्टर भी खो दिया.