'7वां वेतनमान नहीं दिलाया तो वोट मांगने नहीं आऊंगा', बिहार के शिक्षकों के लिए प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान

जन सुराज के प्रशांत किशोर ने बिहार के शिक्षकों के सातवें वेतनमान को लेकर सम्राट सरकार को खुली चुनौती दी है. उन्होंने दावा किया कि बिना सत्ता में रहे उन्होंने बुजुर्गों की पेंशन 400 से बढ़ाकर 1100 रुपये करवाई. पीके ने साफ कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले शिक्षकों की मांग पूरी नहीं करा सके तो वे वोट मांगने नहीं जाएंगे.

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जन सुराज के प्रशांत किशोर ने शिक्षकों के सातवें वेतनमान को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. Credit: Screengrab

बिहार में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने राज्य के शिक्षकों के मुद्दे पर बड़ा राजनीतिक दांव खेला है. पटना में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने ऐलान किया कि अगर वे लोकसभा चुनाव से पहले शिक्षकों को सातवां वेतनमान नहीं दिला पाए तो शिक्षकों के बीच जाकर कभी वोट नहीं मांगेंगे. प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज हमेशा से जनता के असली मुद्दों की लड़ाई लड़ता आया है. अपनी बात के पक्ष में तर्क देते हुए उन्होंने कहा, “मैं लोगों को यह याद दिलाना चाहता हूं कि न तो हमारी सरकार थी, न हम विपक्ष में थे और न ही हमारा कोई विधायक था. इसके बावजूद आज बिहार के एक करोड़ से अधिक बुजुर्गों को 400 रुपये की जगह 1100 रुपये पेंशन मिल रही है. यह फैसला इसलिए संभव हो पाया क्योंकि जन सुराज और प्रशांत किशोर ने इस मुद्दे को मजबूती से उठाया था.”

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‘शिक्षकों को उनका वाजिब हक दिलाकर रहेंगे’

शिक्षकों के हक की बात करते हुए उन्होंने आगे कहा, “मैं मीडिया के माध्यम से राज्य के सभी शिक्षकों को पूरी तरह आश्वस्त कर रहा हूं कि अगर लोकसभा चुनाव से पहले हम उन्हें सातवां वेतनमान नहीं दिला सके तो लोकसभा में उनसे वोट मांगने का कोई हक नहीं रखेंगे और न ही वोट मांगने जाएंगे.”

सत्तारूढ़ दल पर तंज कसते हुए पीके ने कहा कि कुछ लोग दावा करते हैं कि सरकार भी यही काम कर रही है. अगर ऐसा है तो सत्ताधारी दल के नेता खुलकर सामने आएं और शिक्षकों से वादा करें कि वे अगले साल तक सातवां वेतनमान लागू कर देंगे. उन्होंने साफ किया कि जन सुराज शिक्षकों को उनका वाजिब हक दिलाकर रहेगा और इसके लिए वे हर स्तर पर दबाव बनाने को तैयार हैं.

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रोजगार और पेंशन के मुद्दे पर भी दावा

एनडीए नेताओं द्वारा रोजगार के वादों पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जनता भली-भांति जानती है कि वह जो बोलते हैं, उसे पूरा करने का हरसंभव प्रयास करते हैं. उन्होंने बताया कि इस एमएलसी चुनाव में जन सुराज ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत मिलने पर 10 हजार शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने का संकल्प लिया है.

इसके अलावा पीके ने कहा कि आज सरकार में न होते हुए भी जन सुराज जनता के बुनियादी मुद्दे उठा रहा है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले बिहार के बुजुर्गों को 400 रुपये पेंशन मिलती थी, जिसे जन सुराज के दबाव और आवाज उठाने के बाद बढ़ाकर 1100 रुपये कराया गया. उन्होंने अंत में कहा कि एमएलसी चुनाव किसी सरकार को गिराने या बनाने का चुनाव नहीं है, बल्कि सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने का जरिया है. ऐसे में शिक्षकों और युवाओं को अपने हक के लिए मजबूती से खड़ा होना होगा.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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