Samudrik Shastra Eye Twitching: वैदिक परंपराओं और सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, शरीर से मिलने वाले संकेतों से भविष्य के बारे में जान सकते हैं. समुद्र शास्त्र में आंखों के फड़कने क पीछे कई रहस्यों के बारे में बताया गया है. सामान्य तौर पर आंख का फड़कना मांसपेशियों की थकान और नींद की कमी के कारण हो सकता है. हालांकि, हिंदू धर्म में ज्योतिष के मुताबिक, इसे शुभ-अशुभ से जोड़कर देखा जाता है. पुरुष और महिलाओं में दाईं या बाईं आंख का फड़कना अलग-अलग संकेत देता है.
कैसा होता है पुरुषों की आंख फड़कना?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पुरुष की दाईं आंख यानी सीधी आंख का फड़कना शुभ माना जाता है. यह भविष्य में मिलने वाले शुभ समाचार की ओर इशारा करता है. पुरुष की दाईं आंख फड़कती है तो, उसे आने वाले समय में धनलाभ और करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं. पुरुषों में बाईं आंख का फड़कना ठीक इसके विपरित होता है. इसे अशुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि, पुरुष की उल्टी आंख का फड़कने का अर्थ होता है उसे किसी अशुभ घटना का सामना करना पड़ सकता है. यह खर्च बढ़ने और आर्थिक हानि होने की ओर इशारा करता है.
कैसा होता है महिलाओं की आंख फड़कना?
आंख फड़कने का मतलब महिलाओं में पुरुषों के विपरित होता है. अगर किसी महिला की दाईं आंख फड़क रही है तो, यह अशुभ माना जाता है. दाईं आंख का फड़कना घर में कलह, आर्थिक हानि और काम बिगड़ने की ओर इशारा करता है. वहीं, महिलाओं की बाईं आंख फड़कना शुभ होता है. सामुद्रिक शास्त्र में यह बहुत ही अच्छा होता है. इसका अर्थ है कि, परिवार में सुख-समृद्धि आ सकती है.
कैसा होता है दोनों आंखों का फड़कना?
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, एक साथ दोनों आंखों का फड़कना मनोकामना के पूर्ण होने की ओर इशारा करता है. हालांकि, कई बार नींद पूरी ना होने, तनाव और आंखों में दर्द के कारण आंख फड़कने लगती है. आप इस स्थिति में मांसपेशियों को स्ट्रेच करें और उसकी मालिश करें. ऐसा करने से आराम मिल सकता है. ज्योतिष और सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, आंख का फड़कने से शुभ-अशुभ संकेत मिलते हैं. इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यातओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.