इंटरनेट-मोबाइल बंद, हिंसक झड़पें, आगजनी... तेहरान में आधी रात को लोगों ने काटा बवाल, ईरान में कैसे हैं हालात?

इंटरनेट-मोबाइल बंद, हिंसक झड़पें, आगजनी… तेहरान में आधी रात को लोगों ने काटा बवाल, ईरान में कैसे हैं हालात?

Protest in Iran

ईरान में अली खामेनेई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

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Mass Protest in Tehran Iran: ईरान में हालात बेहद खराब हो गए हैं और लोग मरने-मारने की स्थिति में पहुंच गए हैं. बीती रात तेहरान में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरें और अली खामेनेई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस ने उनका दमन करने की कोशिश की तो लोगों ने बवाल काटा. उग्र भीड़ ने बिल्डिंगों में आग लगा दी. तबरीज शहर में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़पें हुईं.

सरकार ने बंद कराए मोबाइल-इंटरनेट

प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए सूर्य और शेर के ध्वज लहरा रहे हैं. सरकार ने मोबाइल सर्विस बंद कर दी है. इंटरनेट की तारें काट दी गई हैं. देशभर में करीब 50 शहरों में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं और ईरान से निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के समर्थन में नारेबाजी हो रही है. रजा पहलवी की घरों से बाहर निकलकर इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की अपील के बाद ही बीती रात प्रदर्शनकारी हिंसक हुए.

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12 दिन में मारे जा चुके करीब 45 लोग

दूसरी ओर, लोग सड़कों पर उतरे और नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने लगे तो सरकार ने उनका दमन करने के लिए पुलिस और सेना को सड़कों पर उतार दिया. अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, 28 दिसंबर से लेकर 8 जनवरी तक हुए हिंसक प्रदर्शनों के दौरान करीब 45 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 3000 लोग गिरफ्तार किए गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरानी लोगों के साथ हैं.

डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को फिर धमकी

ईरान के हालातों को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मामले में दखल देने की प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने दूसरी बार ईरान की सरकार को धमकी दी है कि अगर सरकार ने सेना के जरिए जनता की आवाज को दबाने की कोशिश की तो अमेरिकी सरकार और सेना मामले में दखल देगी. अगर सरकार-सेना ने निर्दोष लोगों का खून बहाना बंद नहीं किया तो अमेरिका कार्रवाई करेगा. अमेरिकी की सरकार और सेना ईरानी जनता का साथ देगी.

आर्थिक संकट और महंगाई बने वजह

बता दें कि ईरान के लोग देश में गहराए आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और करेंसी की गिरती कीमत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. हालातों के लिए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को और इस्लामिक रिपब्लिक को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. ईरानी करेंसी की कीमत इतनी गिर गई है कि एक डॉलर की कीमत 14 लाख ईरानी रियाल हो गई है. आर्थिक स्थिति खराब होती देखकर लोगों ने आवाज उठानी शुरू की, जो आज उग्र हो गई है.

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निर्वासित रजा पहलवी ने उठाया फायदा

1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले ईरान से निवार्सित तत्कालीन शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे क्राउन प्रिंस रजा पहलवी हालातों का फायदा उठाने आए. उन्होंने लोगों को सड़कों पर उतरकर इस्लामिक रिपब्लिक का विरोध करने के लिए भड़काया. इस्लामिक रिपब्लिक, उसके नेताओं और रिवॉल्यूशनरी गार्ड को चेतावनी देते हुए लोगों को अपनी मांगों के लिए आवाज उठाने को कहा. इसके बाद लोगों ने सड़कों पर उतरकर ‘तानाशाही मुर्दाबाद’ और ‘इस्लामिक रिपब्लिक मुर्दाबाद’ के नारे लगाए.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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