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जन्म के 18 साल बाद व्हीलचेयर छोड़ अपने पैरों पर खड़ी हुई बच्ची, डॉक्टरों ने कहा था… कभी नहीं चल पाएगी

बच्ची जन्म से ही दिव्यांग है, उसकी आंखें कमजोर हैं और वह ठीक से पढ़ और बोल नहीं पाती है। वह 3 महीने की थी जब डॉक्टरों ने उसके कभी न चल पाने की बात कही थी।

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Disabled took her first steps at the age of 18: एक बच्ची अपने जन्म से दिव्यांग है, उसे एक रेयर जेनेटिक डिसऑर्डर है। डॉक्टरों ने उसकी ये मेडिकल कंडीशन देख उसके कभी न चलने, बात नहीं कर पाने और कुछ न पढ़ सकने की बात कही थी। किसी बच्चे की ऐसी स्थिति को उसकी मां से ज्यादा कोई नहीं समझ सकता। दरअसल, एक ऐसी ही बच्ची जो जन्म से व्हीलचेयर पर है अचानक 18 साल बाद उठ खड़ी हुई और अपने पैरों पर चलने लगी। अब वह अपने भाई के साथ न केवल चल पाती है और बल्कि खेलती भी है।

दरअसल, ये मामला यूके का है, यहां 43 वर्षीय महिला Karen Tilley ने अपनी बेटी Josselin की ये कहानी मीडिया से शेयर की है। मीडिया रिर्पोर्ट्स के Karen के अनुसार बेटी के जन्म के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें बताया था कि वह जिंदा रहते हुए अधिकांश समय अस्पताल में रहेगी लेकिन आज वे न केवल अपने घर में है बल्कि अपने 12 वर्षीय भाई Dalton के साथ इंडोर गेम भी खेलती है।

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ठीक से देख और पढ़ नहीं पाती है बच्ची

Karen ने बताया कि 22 मार्च 2006 में Josselin का जन्म हुआ था, उस समय वह 39 माह की गर्भवती थीं। Josselin बचपन से दिव्यांग है, वह ठीक से बोल, चल और यहां तक की कुछ पढ़ नहीं पाती थी, वह केवल व्हीलचेयर के सहारे ही कहीं आ जा पाती थी। उसकी आंखे कमजोर हैं और अकसर पेट खराब रहता है। जब वह 3 महीने की थी तो डॉक्टरों ने उसकी हालत देखकर कहा था कि वह उसे अधिकांश समय अस्पताल में रहेगी और उसका कभी अपने पैरों पर चल पाना मुश्किल है।

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हर साल इलाज पर खर्च होते हैं लाखों रुपये 

Karen ने बताया कि एक मां होने के नाते उन्होंने हिम्मत नहीं हारी, वे लगातार Josselin की फिजिओथेरपी करवाती हैं और उसके जन्म से उसका इलाज जारी रखा। उनका कहना था कि हर साल बेटी के इलाज में उनका लाखों रुपये खर्च होता लेकिन अपने जिगर के टुकड़े के सामने पैसे उनके लिए मायने नहीं रखते। हाल ही में एक दिन Josselin अपने घर पर थी अचानक खेलते हुए वह अपने व्हीलचेयर को छोड़ खुद खड़ी हो गई और कुछ कदम चली। ये देख Karen समेत परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं लगा। Karen कहती हैं कि पहले तो उन्होंने यकीन नहीं हुआ फिर उन्होंने रोते हुए खुद Josselin को आगे बढ़कर गले लगा लिया। अब वह अपने पैरों पर धीरे-धीरे खुद चल लेती है।

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First published on: Aug 20, 2024 07:56 PM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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