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हिरोशिमा नागासाकी पर परमाणु हमला झेलने वाले जापान ने खुद क्यों नहीं बनाया न्यूक्लियर बम, जबकि टेक्नोलॉजी में देश है नंबर-1

दुनिया के सबसे बड़े परमाणु हमले का दर्द झेलने वाला जापान आज भी न्यूक्लियर बम से दूर है. आखिर टेक्नोलॉजी में दुनिया के टॉप देशों में शामिल होने के बावजूद उसने यह रास्ता क्यों नहीं चुना, जानिए इसकी पूरी वजह.

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द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हिरोशिमा और नागासाकी पर हुए परमाणु हमलों का दर्द आज भी जापानी समाज में मौजूद है. टेक्नोलॉजी के मामले में दुनिया में सबसे आगे होने के बावजूद जापान ने कभी परमाणु बम नहीं बनाया. रिपोर्ट के मुताबिक जापान के पास तीन दशक पहले से ही ऐसी तकनीक और प्लूटोनियम मौजूद है, जिससे वह आसानी से परमाणु हथियार बना सकता है. इसके बावजूद जापान ने हमेशा शांति का रास्ता चुना. उसने करीब 40 साल पहले परमाणु अप्रसार संधि पर दस्तखत किए थे. यह संधि किसी भी देश को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकती है.

क्या है तीन गैर-परमाणु सिद्धांत?

द्वितीय विश्व युद्ध में मिली हार के बाद जापान ने अपने संविधान के अनुच्छेद 9 को अपनाया. इसके तहत देश ने युद्ध लड़ने और आक्रामक सेना रखने का अधिकार हमेशा के लिए छोड़ दिया. इसके अलावा जापान सरकार ने तीन सख्त गैर-परमाणु सिद्धांत बनाए हैं. इन सिद्धांतों के तहत जापान न तो कभी परमाणु हथियार बनाएगा, न ही उन्हें अपने पास रखेगा और न ही अपनी सीमा में किसी दूसरे देश के परमाणु हथियार आने देगा. 1945 की तबाही की यादों ने जापानी समाज और राजनीति को इस बात के लिए पूरी तरह से तैयार किया है कि वे परमाणु हथियारों से दूरी बनाए रखें.

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अंतरराष्ट्रीय संधियों का पालन

जापान को अपने रक्षा तंत्र के लिए खुद परमाणु हथियार बनाने की जरूरत इसलिए भी नहीं पड़ी, क्योंकि अमेरिका ने उसे अपनी सुरक्षा छतरी दे रखी है. इस समझौते के तहत किसी भी हमले की स्थिति में अमेरिका जापान की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है. इसके साथ ही जापान परमाणु अप्रसार संधि का पूरी निष्ठा से पालन करता है. वह दुनिया भर में परमाणु हथियारों को खत्म करने और अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखने की वकालत करता है.

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यही वजह है कि तमाम क्षमताएं और साधन होने के बाद भी जापान ने परमाणु शक्ति संपन्न देश बनने के बजाय विश्व शांति का संदेश देने का फैसला किया. कुछ रिपोर्ट्स का दावा है कि जापान के पास गुप्त परमाणु बम है, लेकिन उसने आधिकारिक रूप से कभी इसका खुलासा नहीं किया है.

First published on: Aug 06, 2026 10:53 AM

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About the Author

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.

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राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.

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