बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बाद उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय ने बांग्लादेश को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया है. शेख हसीना ने कहा है कि बांग्लादेश अब पाकिस्तान बन गया है और यह अब वो देश नहीं रहा, जिसके लिए जान दी गई थी, आजादी की लड़ाई लड़ी गई थी. इस देश के लिए 1971 में 30 लाख लोगों ने जान गंवाई थी. अब शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने एक चौंकाने वाला दावा किया है. उन्होंने कहा है कि बांग्लादेश अब पाकिस्तान बन गया है, अगले आतंकवादी बांग्लादेश से निकलेंगे, इसलिए बांग्लादेश दुनिया का एक और नाकाम देश बन गया है.
बांग्लादेश अब पाकिस्तान बना, ये वो देश नहीं जिसके लिए लड़े थे आजादी की लड़ाई – रोते हुए बोलीं शेख हसीना
शेख हसीना ने बेटे के साथ की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस
बता दें कि पिछले साल अगस्त में बांग्लादेश में आंदोलन, हिंसा और तख्तापलट के चलते शेख हसीना को देश छोड़कर भागना पड़ा और उन्होंने भारत में शरण ले ली. बीते दिन 5 अगस्त को शेख हसीना पहली बार मीडिया के सामने आईं और बांग्लादेश वापस लौटने के संकेत दिए. शेख हसीना दिसंबर तक वतन वापसी कर सकती है. दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना के साथ उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय भी अमेरिका के मैरीलैंड से ऑनलाइन कनेक्ट हुए थे. यहां उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन अगर हस्तक्षेप नहीं करेंगी तो बांग्लादेश आतंकवाद का बड़ा केंद्र बन सकता है.
बांग्लादेश में ISI के एक्टिव होने का दावा किया
सजीब वाजेद ने कहा कि बांग्लादेश में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI एक्टिव है और खुलेआम अपनी गतिविधियां कर रही है. आवामी लीग सरकार के समय गिरफ्तार करके जेल भेजे गए आतंकवादियों को रिहा कर दिया गया है. प्रतिबंधित संगठन हिज्ब उत-तहरीर बांग्लादेश में खुलेआम रैलियां निकाल रहा है. अलकायदा के लोग बांग्लादेश में जनसभाएं कर रहे हैं. ऐसे में बांग्लादेश अब भारत के पूर्वी बॉर्डर पर बसा दूसरा पाकिस्तान बन गया है, जो भारत के लिए बताया है. अगर यह स्थिति नहीं बदली गई तो दुनिया के अगले आतंकवादी बांग्लादेश से निकलेंगे. ऐसे मुद्दे जोर-शोर से उठाए जाने चाहिए.
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आंदोलन के मृतकों की संख्या पर सवाल उठा
सजीब वाजेद जॉय ने फरवरी 2026 में चुनाव जीतकर सरकार बनाने वाले तारिक रहमान और उनकी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) पर सवाल उठाए. शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग को मोहम्मद यूनुस की कार्यवाहक सरकार ने बैन कर दिया था और चुनाव भी नहीं लड़ने दिया था. इसलिए विधानसभा चुनाव में बांग्लादेश के लोगों को पूरा प्रतिनिधित्व नहीं मिला. जुलाई-अगस्त 2024 के विरोा प्रदर्शनों में काफी लोग मारे गए थे, लेकिन संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुमान में करीब 1400 मौतों का जिक्र किया गया, लेकिन तारिक सहमान की सरकार ने 800 मौतों का आंकड़ा दिया, जो देश के साथ अन्याय है.