इजरायल के रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि उनके हमले में ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ अली लारिजानी मारे गए. इससे पहले इजरायली डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने दावा किया था कि बीती रात ईरान में एक बड़ा हवाई हमला किया गया. साथ ही बताया था कि इस हमले का मुख्य निशाना ईरान की अली लारिजानी थे. ईरान की ओर से इजरायल के इस दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
हालांकि, अली लारिजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हाथ से लिखा एक नोट पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने 4 मार्च को US सबमरीन हमले में मारे गए ईरानी नाविकों को याद किया गया है.
به مناسبت مراسم تشییع سلحشوران نیروی دریایی ارتش جمهوری اسلامی ایران: یاد آنان همواره در قلب ملت ایران خواهد بود و این شهادتها بنیان ارتش جمهوری اسلامی را برای سالها در ساختار نیروهای مسلح استوار مینماید. ازخداوند متعال علو درجات برای این شهدای عزیز خواستارم. pic.twitter.com/dvTdhyDYbY
— Ali Larijani | علی لاریجانی (@alilarijani_ir) March 17, 2026
अन्य गुटों के ठिकानों पर भी प्रहार
इजरायल ने केवल लारिजानी ही नहीं बल्कि तेहरान में छिपे फलस्तीनी इस्लामिक जिहाद के नेता अकरम अल-अजूरी और अन्य टॉप अधिकारियों को भी निशाना बनाया है. जनरल जमीर के अनुसार गाजा और वेस्ट बैंक में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वाले ये सीनियर ऑपरेटिव ईरान के एक सेफ हाउस में छिपे हुए थे. इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए ईरान के भीतर मौजूद बाहरी तत्वों और आतंकी नेटवर्क को खत्म करना जारी रखेगा. इस ऑपरेशन को हाल के दिनों में ईरान के खिलाफ की गई सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है.
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तेहरान से शिराज तक बमबारी
इजरायली वायुसेना ने ईरान के अलग-अलग शहरों में मौजूद सैन्य बुनियादी ढांचे पर दर्जनों मिसाइलें और बम बरसाए हैं. आईडीएफ ने सोशल मीडिया पर नक्शा जारी कर बताया कि तेहरानी में कमांड सेंटर, ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल स्टोरेज साइट्स को तबाह कर दिया गया है. इसके अलावा दक्षिण में शिराज और उत्तर-पश्चिम में तबरीज जैसे इलाकों में भी ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को ध्वस्त कर दिया गया है. इजरायल का कहना है कि इन हमलों से उसने हवाई क्षेत्र में अपनी बढ़त बना ली है और अपनी सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की है.
ईरान का रुख और बढ़ता तनाव
इस हमले से ठीक एक दिन पहले अली लारिजानी ने मुस्लिम देशों के नाम एक संदेश जारी कर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ डटे रहने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि जब पड़ोसी देशों में अमेरिकी बेस मौजूद हैं तो ईरान हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठ सकता. लारिजानी ने इस लड़ाई को अमेरिका-इजरायल बनाम मुस्लिम ईरान और रेजिस्टेंस फोर्सेज के बीच का मुकाबला बताया था. फिलहाल ईरान की ओर से इस बड़े हमले और लारिजानी की स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है लेकिन पूरे मिडिल ईस्ट में युद्ध का खतरा और बढ़ गया है.










