भारत आ रहे जहाज पर हमले का मकसद इजरायल से दुश्मनी तो नहीं, अमेरिका ने हमलावर देश का बताया नाम

इजरायल और हमास जंग की चिंगारी अब भारत तक पहुंच गई है। इस युद्ध में कई देश इजरायल के विरोधी हो गए हैं। इसकी वजह से भारत आ रहे जहाज पर हमला किया गया है।

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पिछले कई महीनों से इजरायल और हमास के बीच जंग जारी है और इसका असर अब भारत तक पहुंचने लगा है। समुद्र के रास्ते भारत आ रहे एक जहाज को निशाना बनाया गया है। अरब सागर में जिस व्यापारिक जहाज पर हमला किया गया है, उसका संबंध इजरायल से है। ऐसे में माना जा रहा है कि सिर्फ इजरायल से दुश्मनी निकालने के लिए ही हमलावरों ने इस जहाज को अपना निशाना बनाया था। इसे लेकर अमेरिका ने हमलावर देश का नाम बताया है।

एक समुद्री जहाज सऊदी अरब से भारत की ओर आ रहा था, जिसमें कुछ जरूरी सामान रखा हुआ था और इसका संबंध इजरायल से था। भारतीय तट से करीब 370 किलोमीटर दूर इस व्यापारिक जहाज पर शनिवार को ड्रोन से अटैक हो गया। इसे लेकर अमेरिकी सेना का आरोप है कि ईरान ने इस जहाज को अपना निशाना बनाया है। इस जहाज का मालिकाना हक जापान की एक कंपनी के पास है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस जहाज में 21 भारतीय मौजूद थे।

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ईरान ने यूएस के आरोपों को किया खारिज

ईरान ने अमेरिका के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन ने कहा कि उनका देश यमन के हूती विद्रोहियों की न तो मदद करता है और न ही उसे समुद्री जहाजों पर हमले के लिए प्रेरित करता है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जबतक इजरायल और हमास के बीच युद्ध जारी रहेगा तबतक समुद्री क्षेत्र में अशांति रहेगी।

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जानें यूएस ने क्या लगाया था आरोप

इससे पहले व्हाइट हाउस ने कहा था कि हूती विद्रोहियों को ईरान मदद कर रहा है। समुद्री जहाजों पर हमला करने के लिए ईरान की ओर से हूती विद्रोहियों को हथियार, फाइनेंशियल सपोर्ट और ट्रैनिंग दी जा रही है। यूएस ने कहा कि भारतीय तट के पास जहाज पर किए गए हमले के पीछे ईरान का हाथ है। अमेरिका के इसी आरोपों पर ईरान का बयान सामने आया है।

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