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ईरान में कुछ बड़ा होने वाला है? चीन ने अपने नागरिकों को दी तुरंत देश से बाहर निकलने की सलाह

ओमान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच एक दौर की वार्ता संपन्न हुई है, जिसे युद्ध को टालने की आखिरी कवायद के तौर पर देखा जा रहा है.

पश्चिम एशिया में लगातार गहराते संकट के बीच चीन ने शुक्रवार को अपने नागरिकों को ईरान से ‘जितनी जल्दी संभव हो’ बाहर निकलने की सख्त सलाह जारी की है. चीनी विदेश मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि क्षेत्र में बाहरी सुरक्षा जोखिमों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसके चलते वहां मौजूद चीनी नागरिकों को सतर्क रहते हुए तत्काल सुरक्षित स्थानों की ओर रुख करना चाहिए. मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीचैट पर इस एडवाइजरी को साझा करते हुए स्पष्ट किया, ‘ईरान में फिलहाल रह रहे चीनी नागरिकों से अपील है कि वे अपनी सुरक्षा को मजबूत करें और जल्द से जल्द निकलें.’

ईरान पर संभावित हमलों की आशंकाएं

यह चेतावनी ऐसे वक्त आई है जब अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य तैनाती को और मजबूत कर लिया है, और ईरान पर संभावित हमलों की आशंकाएं चरम पर पहुंच गई हैं. अमेरिकी प्रशासन ने भी क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए इजरायल में अपने दूतावास के गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को वापस बुलाने की मंजूरी दे दी है, जो स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करता है.

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इसके अलावा, कनाडा, भारत और जर्मनी जैसे देशों ने भी अपने नागरिकों को ईरान या इजरायल से निकलने या यात्रा न करने की सलाह दी है. चीनी विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि ईरान की यात्रा से पूरी तरह परहेज करें, और जरूरत पड़ने पर ईरान तथा पड़ोसी देशों में स्थित चीनी दूतावास या वाणिज्य दूतावास नागरिकों की हर संभव मदद करेंगे.

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ईरान में तेजी से बिगड़ते हालात

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की एक साथ कई देशों की एडवाइजरी यह दर्शाती है कि क्षेत्र में हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं, और किसी बड़े सैन्य टकराव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. इस बीच, ओमान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच एक दौर की वार्ता संपन्न हुई है, जिसे युद्ध को टालने की आखिरी कवायद के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, शुरुआती उत्साहजनक संकेतों के बावजूद तेहरान ने साफ कर दिया है कि किसी भी समझौते के लिए वाशिंगटन को अपनी ‘अधिक मांगों’ को छोड़ना होगा.

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ईरान के उप विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने हालिया बयान में कहा कि वार्ता गंभीर रही, लेकिन मतभेदों की खाई अभी भी गहरी है. अमेरिका की ओर से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर स्थायी प्रतिबंधों की मांग की जा रही है, जबकि तेहरान इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मानता है.

First published on: Feb 27, 2026 11:16 PM

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Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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