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दुनिया

क्या इजरायली नागरिकों को निशाना बना रहा ईरान? विदेश मंंत्रालय ने लगाया बड़ा आरोप

इजरायल ने ईरान पर नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है. वहीं ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में दावा किया कि 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' में उसके 10 हजार नागरिक ठिकाने तबाह हो चुके हैं.

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Written By: Raja Alam Updated: Mar 11, 2026 08:45

पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच इजरायल के विदेश मंत्रालय ने ईरान पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. इजरायल का कहना है कि ईरान जानबूझकर इजरायली नागरिकों और रिहायशी इलाकों को अपना निशाना बना रहा है. इजरायल ने कहा ईरानी सरकार हमारे नागरिकों पर क्लस्टर बम दाग रही है. मंत्रालय के मुताबिक ईरान की ओर से दागी जा रही मिसाइलें और ड्रोन आम लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं. इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है ताकि बेगुनाह लोगों की जान बचाई जा सके. इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और ज्यादा बढ़ गया है और आने वाले दिनों में और भी ज्यादा आक्रामक कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है.

ईरान का पलटवार और तबाही का दावा

इजरायल के आरोपों के जवाब में संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने अमरीका और इजरायल पर पलटवार किया है. ईरान ने दावा किया है कि ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ की शुरुआत के बाद से अमरीका और इजरायल ने मिलकर ईरान के करीब 10 हजार नागरिक ठिकानों को जमींदोज कर दिया है.  इरावानी के मुताबिक इस तबाही में 7,943 रिहायशी घर, 1,617 कमर्शियल सेंटर, 32 मेडिकल सेंटर और 65 स्कूल शामिल हैं. इसके अलावा 13 रेड क्रॉस की इमारतों और कई बिजली केंद्रों को भी निशाना बनाया गया है जिससे आम लोगों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है.

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पानी और बुनियादी ढांचे पर चोट

ईरान ने अमरीका पर जानबूझकर ताजे पानी के डिसेलिनेशन प्लांट यानी खारे पानी को मीठा बनाने वाले कारखाने को निशाना बनाने का आरोप लगाया है. इरावानी ने कहा कि इस हमले से हजारों ईरानी नागरिकों के सामने पीने के पानी का संकट पैदा हो गया है. उन्होंने अमरीकी राष्ट्रपति पर निशाना साधते हुए कहा कि वे नागरिक बुनियादी ढांचे की तबाही और ईरानी नाविकों की हत्या पर गर्व महसूस कर रहे हैं. ईरान के मुताबिक इन हमलों का साफ मकसद नागरिकों में दहशत फैलाना और निर्दोष लोगों का कत्लेआम करना है ताकि ईरान को अधिकतम नुकसान पहुंचाया जा सके.

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यह भी पढ़ें: होर्मुज में ट्रंप ने उड़ाए 10 ईरानी जहाज? समुद्र में माइंस बिछाने का लगाया आरोप

वैश्विक शांति पर मंडराता खतरा

अपने संबोधन के अंत में राजदूत इरावानी ने संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों से इस आक्रमण की निंदा करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि ईरानी लोगों के खिलाफ छेड़ी गई यह ‘आपराधिक जंग’ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए एक बड़ा खतरा है. ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस युद्ध को तुरंत रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है. उधर इजरायल के विदेश मंत्रालय ने भी ईरान पर अपने नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाकर तनाव को और बढ़ा दिया है. फिलहाल दोनों पक्षों के दावों ने इस युद्ध को बेहद संवेदनशील और खतरनाक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है.

First published on: Mar 11, 2026 08:45 AM

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