न्यूजीलैंड में 5000 प्रोफेशनल्स को मिलेगा वर्क वीजा, 100% भारतीय सामान होंगे ड्यूटी फ्री

India New Zealand FTA 2026: खुशखबरी! भारत-न्यूजीलैंड डील से खुला 5000 भारतीयों के लिए वर्क वीजा का रास्ता. अब न्यूजीलैंड में 100% भारतीय सामानों की होगी ड्यूटी-फ्री एंट्री और अगले 15 वर्षों में भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी सेक्टर में आएगा 20 अरब डॉलर का निवेश. जानिए पूरी डिटेल.

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India New Zealand FTA 2026: भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक रिश्तों का एक नया दौर शुरू हो गया है. 27 अप्रैल, 2026 को होने जा रहे ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) ने भारतीय युवाओं और निर्यातकों के लिए तरक्की के बड़े रास्ते खोल दिए हैं. इस समझौते के तहत न केवल भारतीय सामानों को न्यूजीलैंड के बाजार में टैक्स-फ्री एंट्री मिलेगी, बल्कि भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए वीजा के नियमों को भी बेहद आसान बना दिया गया है. इस समझौते की सबसे बड़ी उपलब्धि भारतीय कार्यबल के लिए है. डील के मुताबिक, न्यूजीलैंड हर साल 5,000 भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए ‘Temporary Employment Entry’ वीजा का कोटा सुरक्षित करेगा.

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किन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ?

IT, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर, शिक्षा और निर्माण से जुड़े पेशेवरों के लिए यह सुनहरा मौका है. विशेष रूप से योग प्रशिक्षकों, भारतीय शेफ्स और संगीत शिक्षकों के लिए भी अलग से प्रावधान किए गए हैं. युवाओं के लिए 1,000 ‘वर्क एंड हॉलिडे’ वीजा भी दिए जाएंगे, जिससे वे काम के साथ-साथ न्यूजीलैंड की संस्कृति को करीब से देख सकेंगे. भारतीय छात्रों के लिए खुशखबरी यह है कि STEM (Science, Technology, Engineering, Math) विषयों में स्नातक और परास्नातक करने वालों को 3 साल और डॉक्टरेट करने वालों को 4 साल तक का पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा मिलेगा. इससे भारतीय छात्र वैश्विक स्तर पर अनुभव हासिल कर सकेंगे.

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100% भारतीय सामानों पर अब कोई टैक्स नहीं

व्यापार के मोर्चे पर, न्यूजीलैंड ने भारत से होने वाले 100% निर्यात पर आयात शुल्क हटा दिया है. इसका सीधा फायदा टेक्सटाइल, चमड़ा, रत्न-आभूषण और ऑटोमोबाइल सेक्टर को मिलेगा. दूसरी ओर, न्यूजीलैंड भी अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर (करीब 1.66 लाख करोड़ रुपये) का बड़ा निवेश करेगा. भारत ने भी न्यूजीलैंड के करीब 70% उत्पादों के लिए अपना बाजार खोला है, जिससे न्यूजीलैंड के एप्पल, कीवी और वाइन जैसे उत्पादों की पहुंच भारत में बढ़ेगी.

20 अरब डॉलर का निवेश: कहां होगा खर्च?

न्यूजीलैंड ने भारत की विकास गाथा पर भरोसा जताते हुए अगले 15 वर्षों में 20 अरब डॉलर (करीब 1.66 लाख करोड़ रुपये) के निवेश का रोडमैप तैयार किया है. यह निवेश मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों की सूरत बदलेगा।

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  • सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स: माल ढुलाई को तेज और सस्ता बनाने के लिए.
  • फूड प्रोसेसिंग: किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट्स पर जोर.
  • रिन्यूएबल एनर्जी: ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में नई तकनीक और प्रोजेक्ट्स.

कृषि में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’

भारत में सेब, कीवी और शहद के उत्पादन को आधुनिक बनाने के लिए न्यूजीलैंड तकनीकी सहायता देगा और ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किए जाएंगे. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह डील “लोगों के इर्द-गिर्द व्यापार बुनने” जैसा है, जो किसानों से लेकर इनोवेटर्स तक सबको फायदा पहुंचाएगी.

आम आदमी पर क्या होगा असर?

इस समझौते से द्विपक्षीय व्यापार अगले 5 साल में 5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. इससे न केवल भारत में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ेगा, बल्कि आगरा के चमड़ा उद्योग से लेकर उत्तर प्रदेश के हथकरघा उद्योग तक, स्थानीय स्तर पर लाखों नए रोजगार पैदा होंगे. इसके अलावा, लॉजिस्टिक्स और कस्टम क्लियरेंस को भी तेज किया जाएगा (48 घंटे के भीतर), जिससे व्यापार करना और भी आसान हो जाएगा.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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