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दुनिया

दुनिया में सबसे पहले कहां मिला था कच्चा तेल? जानिए चौंकाने वाला सच

दुनिया में कच्चे तेल की खोज हजारों साल पहले हुई थी, लेकिन पहला मॉडर्न तेल कुआं 1859 में अमेरिका में खोदा गया. भारत में इसका इतिहास असम के डिगबोई से जुड़ा है, जहां 1889 में पहली बार तेल मिला.

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Edited By : Varsha Sikri Updated: Apr 14, 2026 12:18
First Crude Oil Discovery in World & India
Credit: AI

कच्चा तेल (Crude Oil) आज दुनिया की सबसे कीमती प्राकृतिक संपत्तियों में से एक है. पेट्रोल, डीजल से लेकर प्लास्टिक और दवाईयों तक, इसका इस्तेमाल हर जगह होता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया में सबसे पहले कच्चा तेल कहां मिला था और भारत में इसकी खोज कब हुई? इसका जवाब काफी दिलचस्प और चौंकाने वाला है. इतिहास के मुताबिक, कच्चे तेल की पहचान हजारों साल पहले ही हो गई थी. प्राचीन सभ्यताएं जैसे मेसोपोटामिया, सुमेर और बेबीलोन के लोग जमीन से अपने आप निकलने वाले तेल (oil seepage) को देखते थे और उसका इस्तेमाल निर्माण, दवाईयों और जलाने के लिए करते थे.

19वीं सदी में हुई शुरुआत

हालांकि, आधुनिक तरीके से तेल निकालने की शुरुआत 19वीं सदी में हुई. दुनिया का पहला आधुनिक तेल कुआं साल 1859 में अमेरिका के पेनसिल्वेनिया के टाइटसविल में खोदा गया था. ये काम एडविन ड्रेक नाम के शख्स ने किया था, और यहीं से आधुनिक तेल उद्योग की शुरुआत मानी जाती है. इस खोज ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था बदल दी. इसके बाद कई देशों में तेल की खोज शुरू हुई और धीरे-धीरे ये ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत बन गया.

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भारत में कब हुई खोज

अब अगर भारत की बात करें तो यहां भी कच्चे तेल की खोज का इतिहास काफी पुराना है. भारत में पहली बार तेल के संकेत असम में मिले थे. 19वीं सदी के आखिर में असम के डिगबोई इलाके में रेलवे लाइन बनाते समय जमीन से तेल निकलता हुआ देखा गया. इसके बाद 1889 में डिगबोई, असम में भारत का पहला कमर्शियल तेल भंडार खोजा गया. यही नहीं, 1890 के आसपास यहां पहला तेल कुआं भी तैयार किया गया और बाद में यहां एशिया की सबसे पुरानी रिफाइनरी भी शुरू हुई.

डिगबोई की कहानी

दिलचस्प बात यह है कि डिगबोई नाम भी एक मजेदार कहानी से जुड़ा है. कहा जाता है कि अंग्रेज इंजीनियरों ने जब वहां तेल देखा तो उन्होंने मजदूरों से कहा ‘Dig Boy! Dig!’ यानी ‘खोदते रहो’, और इसी से इस जगह का नाम डिगबोई पड़ गया. भारत में आज भी असम को तेल उद्योग का बर्थ प्लेस माना जाता है. इसके बाद देश में गुजरात, मुंबई हाई और बाकी जगहों पर भी तेल के बड़े भंडार मिले, जिससे भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली.

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First published on: Apr 14, 2026 12:18 PM

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