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‘हमें घर भेज दो…’, पहले किया अगवा, फिर धर्म बदलवाकर की शादी, दो नाबालिग हिंदू बहनों ने पाकिस्तान के कोर्ट के आगे लगाई गुहार

पाकिस्तान के सिंध में रह रही दो हिंदू बहनों को अदालत ने उनके माता-पिता के साथ घर भेजने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद वो कोर्ट के बाहर फूट-फूटकर रोने लगीं.

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पाकिस्तान के सिंध में रह रही दो हिंदू बहनों को अदालत ने उनके माता-पिता के साथ घर भेजने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद वो कोर्ट के बाहर फूट-फूटकर रोने लगीं. अमेरिका से जुड़े सिंधी अधिकारों के लिए काम करने वाले ग्रुप ‘सिंध रेनेसां’ की रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार का आरोप है कि कच्छी कोली समुदाय की सीता और रूपी को किडनैप किया और उनका धर्म बदलवाकर इस्लाम कबूल करवाया गया और फिर अमजद सोलंगी और मंसूर सोलंगी से उनकी जबरदस्ती शादी करा दी गई. पाकिस्तानी जर्नलिस्ट और एक्टिविस्ट वींग्स के एक वीडियो के मुताबिक, सिंध के कोर्ट ने दोनों बहनों को सेफ हाउस में भेजने का ऑर्डर दिया, जबकि वो रोते हुए कह रही थीं, ”हमें घर भेज दो.”

सिंध में सबसे ज्यादा मामले

एक दिन बाद, विंगस ने बताया कि 9 सितंबर को टंडो अल्लाहयार से 14 साल की एक और हिंदू लड़की को किडनैप किया गया. उन्होंने बताया कि सिंध जिले में 6 नाबालिग लड़कियों का अपहरण करके उनका धर्म परिवर्तन किया गया. पाकिस्तान के टंडो अल्लाहयार जिले में भी नाबालिगों की किडनैपिंग और धर्म परिवर्तन की कई घटनाएं हो चुकी हैं. आपको बता दें कि पाकिस्तान के सिंध में सबसे ज्यादा हिंदू आबादी है. सिंध में हिंदू लड़कियों के अपहरण, धर्म परिवर्तन और मुस्लिम पुरुषों से उनकी शादी के कई मामले सामने आए हैं. कोल्ही, भील और मेघवार समुदायों के गरीब परिवार ज्यादातर निशाने पर रहते हैं.

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‘असुरक्षित हैं हिंदू लड़कियां’

एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में सैकड़ों युवा हिंदू महिलाओं को किडनैपिंग, जबरदस्ती धर्म परिवर्तन और जबरदस्ती शादी का सामना करना पड़ा है. मानवाधिकार संगठन ने पाकिस्तानी हिंदुओं के साथ लगातार हो रहे भेदभाव के बारे में भी चेतावनी दी है, जिसमें उनके मंदिरों और कारोबारों पर हमले और ईशनिंदा के आरोपों का गलत इस्तेमाल शामिल है. पाकिस्तानी सोशल एक्टिविस्ट सोरथ सिंधु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया, ” ये सरकार समर्थित कोई ऐसा ग्रुप है जो उन हिंदू सिंधी लोगों को निशाना बना रहा है जो अपनी मातृभूमि छोड़ने को तैयार नहीं हैं? क्योंकि अगर ये इमरजेंसी नहीं है, तो इमरजेंसी कैसी दिखेगी. हमारी लड़कियों को बचाओ.”

First published on: Sep 11, 2026 11:30 AM

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