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कर्नाटक में अब छात्राएं पहन सकेंगी हिजाब, सरकार ने पलटा BJP का फैसला

Karnataka school Hijab Ban Lifted: कर्नाटक में मौजूदा कांग्रेस सरकार ने चार साल पहले तत्कालीन भाजपा सरकार की ओर से स्कूलों में हिजाब पर लगाई पाबंदी हटा दी है. अब छात्राएं यूनिफॉर्म के साथ हिजाब, पगड़ी और जनेऊ जैसे धार्मिक प्रतीक पहन सकेंगी. जानिए क्या है नया आदेश.

Karnataka school Hijab Ban Lifted: कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा नीतिगत बदलाव करते हुए स्कूलों में हिजाब पहनने पर लगी पाबंदी को आधिकारिक तौर पर हटा दिया है. कर्नाटक सरकार की ओर से गुरुवार को जारी आदेश के अनुसार, अब राज्य के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में छात्राएं अपनी यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहन सकेंगी. इतना ही नहीं, सरकार ने इस दायरे को बढ़ाते हुए पगड़ी, जनेऊ और स्कार्फ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी पहनने की अनुमति दे दी है. शिक्षा विभाग द्वारा जारी नया आदेश इसी मौजूदा शैक्षणिक सत्र से लागू कर दिया गया है.

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धार्मिक स्वतंत्रता और शिक्षा पर जोर

कर्नाटक के स्कूल शिक्षा और साक्षरता मंत्री मधु बंगारप्पा ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी छात्र को उसकी धार्मिक मान्यताओं या परंपराओं के कारण शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए. नए आदेश के तहत छात्र यूनिफॉर्म के साथ ‘सीमित पारंपरिक और प्रथा-आधारित प्रतीकों’ का इस्तेमाल कर सकेंगे.

2022 में भाजपा ने लगाया था प्रतिबंध

यह पूरा विवाद फरवरी 2022 में शुरू हुआ था, जब तत्कालीन भाजपा सरकार ने स्कूलों में हिजाब पहनने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था. उस समय सरकार का तर्क था कि स्कूल परिसर में केवल निर्धारित यूनिफॉर्म ही अनिवार्य होनी चाहिए. इस फैसले के बाद राज्यभर में हिंसक प्रदर्शन हुए थे और मामला देशभर की सुर्खियों में रहा था. कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में इस प्रतिबंध को हटाने का वादा किया था, जिसे अब अमलीजामा पहना दिया गया है.

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सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था केस

हिजाब का मुद्दा कानूनी पेचीदगियों में भी फंसा रहा है. कर्नाटक हाईकोर्ट ने पहले भाजपा सरकार के प्रतिबंध को सही ठहराया था, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. अक्टूबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने इस पर खंडित फैसला सुनाया था, जिसके कारण मामला बड़ी बेंच के पास लंबित है. हालांकि, सिद्धारमैया सरकार के इस ताजा प्रशासनिक आदेश ने फिलहाल छात्रों को बड़ी राहत दे दी है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले से राज्य की सियासत एक बार फिर गरमा सकती है, लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है कि उसका ध्यान केवल छात्रों की पढ़ाई और समानता पर है.

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First published on: May 13, 2026 07:52 PM

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Vijay Jain

सीनियर न्यूज एडिटर विजय जैन को पत्रकारिता में 23 साल से अधिक का अनुभव है.  न्यूज 24 से पहले विजय दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में अलग-अलग जगहों पर रिपोर्टिंग और टीम लीड कर चुके हैं, हर बीट की गहरी समझ है। खासकर शहर राज्यों की खबरें, देश विदेश, यूटिलिटी और राजनीति के साथ करेंट अफेयर्स और मनोरंजन बीट पर मजबूत पकड़ है. नोएडा के अलावा दिल्ली, गाजियाबाद, गोरखपुर, जयपुर, चंडीगढ़, पंचकूला, पटियाला और जालंधर में काम कर चुके हैं इसलिए वहां के कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत आदि की समझ रखते हैं. प्रिंट के कार्यकाल के दौरान इन्हें कई मीडिया अवार्ड और डिजिटल मीडिया में दो नेशनल अवार्ड भी मिले हैं. शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Vijay.kumar@bagconvergence.in

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