---विज्ञापन---

दुनिया angle-right

दुबई में घायल भारतीय छात्र को मुआवजे में मिलेंगे 11 करोड़ रुपए, कोर्ट ने सुनाया फैसला

Dubai: दुबई में घायल एक भारतीय को सुप्रीम अदालत ने मुआवजे के तौर पर 5 मिलियन दिरहम दिए जाने का फैसला सुनाया है। यह राशि भारतीय करेंसी में 11 करोड़ रुपए है। दरअसल, भारतीय शख्स तीन साल पहले एक दुर्घटना में घायल हो गया था। घायल होने के चलते वह अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी […]

---विज्ञापन---

Dubai: दुबई में घायल एक भारतीय को सुप्रीम अदालत ने मुआवजे के तौर पर 5 मिलियन दिरहम दिए जाने का फैसला सुनाया है। यह राशि भारतीय करेंसी में 11 करोड़ रुपए है। दरअसल, भारतीय शख्स तीन साल पहले एक दुर्घटना में घायल हो गया था। घायल होने के चलते वह अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाए।

खलीज टाइम्स अखबार के अनुसार, मोहम्मद बेग मिर्जा (20 साल) इंजीनियरिंग का छात्र था। 2019 में वह ओमान से संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) जाते समय वह बस दुर्घटना में घायल हो गया था।

---विज्ञापन---
यह भी पढ़ें: सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की फिर छिछालेदर, बुलेटप्रूफ टोपी लगाकर कोर्ट पहुंचे इमरान खान

बस के ड्राइवर ने मेट्रो स्टेशन की पार्किंग के एंट्री गेट पर ओवरहेड बैरियर को टक्कर मार दी थी। जिससे बस का ऊपरी बायां हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इस हादसे में 31 यात्रियों में से 17 की मौत हो गई थी, जिनमें से 12 भारतीय थे।

बस ड्राइवर को अदालत ने दी सात साल की सजा

बस ड्राइवर ओमान का रहने वाला था। उसे अदालत ने 7 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी और पीड़ितों के परिवारों को 3.4 मिलियन दिरहम की राशि का भुगतान करने का आदेश दिया गया था।

---विज्ञापन---

मोहम्मद बेग मिर्जा के वकीलों के अनुसार, शुरुआत में बीमा प्राधिकरण ने उन्हें एक मिलियन दिरहम देने की बात कही। इसके बाद दुबई कोर्ट ऑफ फर्स्ट इंस्टेंस का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने मुआवजे के आंकड़े को संशोधित कर 5 मिलियन दिरहम कर दिया।

14 दिन तक बेहोश रहे मिर्जा

मोहम्मद बेग मिर्जा अपने रिश्तेदारों के साथ छुट्टियां बिताने के बाद मस्कट से जा रहे थे, तभी दुर्घटना हुई थी। उन्हें दुबई के एक अस्पताल में दो महीने से अधिक समय तक भर्ती रहना पड़ा। 14 दिनों तक बेहोश रहे, उसके बाद और भी कई महीने एक पुनर्वास केंद्र में इलाज में बिताए।

---विज्ञापन---
और पढ़िए – Pakistan Politics: इमरान खान को मिली बड़ी राहत, लाहौर कोर्ट ने तीन मामलों में दी अंतरिम जमानत

इंजीनियर भी नहीं हुई पूरी

मिर्जा मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर रहे थे। घायल होने के कारण फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा भी नहीं दे पाए। उनके दिमाग को 50 फीसदी नुकसान पहुंचा है। सुप्रीम कोर्ट ने बीमा कंपनी को मुआवजे का भुगतान करने का निर्देश दिया है।

और पढ़िए – दुनिया से जुड़ी अन्य बड़ी ख़बरें यहाँ पढ़ें

First published on: Apr 06, 2023 10:54 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola