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भोजशाला विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई, अंतरिम व्यवस्था और धार्मिक अधिकारों पर होगी बहस

धार स्थित भोजशाला-कमाल मौला परिसर विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होगी. अंतरिम व्यवस्था, धार्मिक अधिकारों और आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर शीर्ष अदालत की नजर रहेगी.

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मध्य प्रदेश के धार स्थित बहुचर्चित भोजशाला-कमाल मौला परिसर से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी. इस मामले को लेकर हिंदू और मुस्लिम, दोनों पक्षों की निगाहें शीर्ष अदालत पर टिकी हैं. माना जा रहा है कि सुनवाई के दौरान अदालत अंतरिम व्यवस्था, धार्मिक गतिविधियों और आगे की न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े अहम पहलुओं पर विचार कर सकती है.

भोजशाला परिसर को लेकर दोनों समुदाय कई सालों से अपने-अपने धार्मिक अधिकारों का दावा करते रहे हैं. हिंदू पक्ष इसे मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद के रूप में अपनी धार्मिक आस्था से जुड़ा स्थल बताता है. इसी विवाद को लेकर मामला लंबे समय से न्यायालयों में विचाराधीन है.

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मुस्लिम पक्ष ने दी थी फैसले को चुनौती

इससे पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अपने फैसले में भोजशाला परिसर को मां सरस्वती का मंदिर माना था और वहां नमाज की अनुमति समाप्त कर दी थी. इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

शीर्ष अदालत ने याचिकाओं पर सुनवाई स्वीकार करते हुए फिलहाल यथास्थिति बहाल करने से इनकार किया था, लेकिन राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि शुक्रवार की नमाज के लिए विवादित परिसर के समीप वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि यह केवल अंतरिम व्यवस्था है और अंतिम फैसला सुनवाई पूरी होने के बाद ही दिया जाएगा.

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दोनों पक्ष रखेंगे अपनी दलीलें

आज की सुनवाई में दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क अदालत के समक्ष रखेंगे. हिंदू पक्ष हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखने की मांग कर सकता है, जबकि मुस्लिम पक्ष अंतरिम व्यवस्था और धार्मिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी दलीलें पेश करेगा.

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सुप्रीम कोर्ट की ओर से पिछले सप्ताह जारी अंतरिम निर्देशों के बाद पहली बार भोजशाला परिसर के पीछे स्थित खसरा नंबर 612 पर शुक्रवार की नमाज अदा की गई थी. अब सभी की नजर इस बात पर है कि शीर्ष अदालत मौजूदा अंतरिम व्यवस्था को यथावत रखती है या फिर सुनवाई के दौरान कोई नया आदेश जारी करती है.

यदि अदालत तत्काल अंतिम फैसला सुनाने के बजाय निर्णय सुरक्षित रखती है, तो अंतिम आदेश आने तक नमाज की व्यवस्था किस स्वरूप में जारी रहेगी, यह भी एक अहम मुद्दा रहेगा.

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First published on: Aug 05, 2026 06:46 AM

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Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.

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