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जिनपिंग-ट्रंप मीटिंग के बाद क्या बोले? ट्रेड डील पर भी दिया बयान, कहा- व्यापार समझौता होने की उम्मीद है

Trump Jinping Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हो चुकी है और दोनों ने मुलाकात पर बयान भी दिए हैं. दोनों ने मुलाकात को सकारात्मक बताया और ट्रेड डील होने की उम्मीद भी जताई है. मुलाकात साउथ कोरिया के बुसान शहर में हुई है.

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Trump Jinping Meeting Update: साउथ कोरिया के बुसान में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई. दोनों राष्ट्राध्यक्ष अपनी-अपनी टीम के साथ टेबल पर बैठे और मुलाकात के बाद मीडिया से रूबरू भी हुए. दोनों नेताओं की मुलाकात 6 साल बाद हुई है और मीटिंग करीब 100 मिनट चली. मीटिंग में दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की और एक दूसरे के हित से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी किया. मीटिंग के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रपति जिनपिंग ने क्या कहा, आइए जानते हैं…

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात को दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि शी जिनपिंग को टफ निगोशिएटर बताया और कहा कि चीन और अमेरिका के बीच एक अच्छा रिलेशन है. उम्मीद है दोनों की मीटिंग सफल होगी और ट्रेड डील पर साइन हो सकते हैं. बता दें कि ट्रंप की योजना साल 2026 में चीन की यात्रा पर जाने की है.

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राष्ट्रपति जिनपिंग ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात पर राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा कि ट्रंप से मिलकर अच्छा लगा. हम एक-दूसरे से अकसर सहमत नहीं होते हैं, लेकिन यह नॉर्मल बात है. 2 बड़ी आर्थिक शक्तियों के बीच टकराव होना भी नॉर्मल बात है. चीन और अमेरिका बिजनेस पार्टनर और दोस्त हैं, ऐसा होना भी चाहिए. ट्रेड डील पर बेसिक सहमति बन गई है और डील को फाइनल करने के लिए चर्चा चल रही है. दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं. एक दूसरे की तरक्की में मदद कर सकते हैं.

चीनी राष्ट्रपति ने गाजा युद्धविराम के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की सराहना की और कहा कि उनसे मिलकर खुशी हुई. वे विश्व शांति को लेकर चिंतित रहते हैं. संवेदनशील क्षेत्रीय मुद्दों को सुलझाने के लिए प्रयास करते हैं. गाजा युद्धविराम में योगदान दिया. मलेशिया यात्रा के दौरान कंबोडिया-थाईलैंड सीमा पर शांति समझौता कराया. कई साल बाद मिले, लेकिन इस बीच 3 बार फोन पर बात हुई. कई पत्रों का आदान-प्रदान किया है, यानी संपर्क में रहे. उतार-चढ़ावों और चुनौतियों का सामना करते हुए चीन-अमेरिका संबंधों को निरंतर आगे बढ़ाना सुनिश्चित करना चाहिए.

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First published on: Oct 30, 2025 08:50 AM

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