ट्रंप अब खेलेंगे 'फोन डिप्लोमेसी', ईरान को ऑफर- बात करनी है तो नंबर घुमाएं; जानें क्या है जंग रोकने का प्लान

Middle East War: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को ऑफर दिया है कि बातचीत के लिए दरवाजे खुले रहेंगे, लेकिन इस बार ईरान पहल करेगा और बात करने के लिए फोन घुमाएगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो ईरान को पहले से ज्यादा भयानक अंजाम भुगतना होगा।

donald trump

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को अंजाम भुगतने की धमकी दी है।

अमेरिका और ईरान के बीच 2 दौर की शांति वार्ता फेल हो चुकी है। एक बार इस्लामाबाद में दोनों देशों के प्रतिनिधि आमने-सामने बैठे, लेकिन शर्तों पर सहमति नहीं बनी। दूसरी बार इस्लामाबाद में ही ईरान का प्रतिनिधिमंडल तो आया, लेकिन पाकिस्तान को अपनी शर्तों का प्रस्ताव सौंपकर चला गया। अमेरिका से सीधे बात करने का ऑफर ठुकरा दिया। यह देखकर राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने प्रतिनिधिमंडल का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया है।

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बात करने के लिए ईरान को करना होगा फोन

वहीं अब राष्ट्रपति ट्रंप ने नया प्लान बनाते हुए ईरान को बातचीत करने का ऑफर दिया है, लेकिन इस बार उन्होंने साफ-साफ कहा है कि अगर ईरान को अब शांति वार्ता करनी है, समझौते के लिए बात करनी है तो वह फोन करे। अमेरिका के प्रतिनिधि किसी देश में उनसे बातचीत करने नही जाएंगे। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 24 घंटे में दो बार पाकिस्तान का दौरा कर चुके हैं और अब वे पुतिन से मिलने रूस पहुंचे हैं। दोनों में अमेरिका से समझौतो को लेकर बात हो सकती है।

समझौता कराने के लिए अब पुतिन करेंगे पहल?

बता दें कि अमेरिका और ईरान का शांति समझौता कराने के लिए अब पुतिन पहल करेंगे। क्योंकि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची सोमवार को मॉस्को पहुंचे, जहां वे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे। इसे अहम कूटनीति बताया जा रहा है, क्योंकि रूस भी अमेरिका और ईरान में शांति समझौते के पक्ष में है। अमेरिका के साथ शांति वार्ता के दूसरे दौर को लेकर अनिश्चितता के बीच अराघची ने 24 घंटे में दूसरी बार पाकिस्तान का दौरान भी किया, जहां वे असीम मुनीर से मिले।

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राष्ट्रपति ट्रंप का ईरान को बात करने का न्योता

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को अब सीधे तौर पर बातचीत करने का न्योता दे दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका बातचीत के दरवाजे बंद नहीं करेगा, लेकिन अब ईरान को फोन पर बात करनी होगी। वहीं बातचीत की पहल ईरान को करनी होगी। ईरान में अब 2 तरह के लोग हैं। जिनसे समझौते को लेकर बातचीत चल रही हे, वे समझदार हैं। लेकिन दूसरा धड़ा ईरान को बर्बाद करने की कसम खाए हुए है। उम्मीद है कि ईरान समझदारी से काम लेगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो ईरान को अंजाम भुगतना होगा।

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राष्ट्रपति ट्रंप ब्रिटेन-चीन और NATO से नाराज

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वे ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे। वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म कर देंगे। उनकी सबसे बड़ी मांग ईरान से परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी एक-एक चीज को खत्म करना है। राष्ट्रपति ट्रंप ने NATO यानी पश्चिमी देशों के सैनिक गठबंधन पर भी गुस्सा निकाला। उन्होंने कहा कि जब हमें जरूरत थी, नाटो काम नहीं आया, पर वक्त हमारा भी आएगा।

ब्रिटेन को लेकर ट्रंप ने कहा कि ब्रिटेन अपने जहाज तब भेजेगा, जब जंग खत्म हो जाएगी। खतरे में साथ देना चाहिए था, खतरा टलने के बाद दोस्ती निभाने का कोई मतलब नहीं। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन कि चीन सबसे ज्यादा बुरा हो सकता है, लेकन इस मामले में चीन ने समझदारी दिखाई।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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