‘सीजफायर का मूर्खतापूर्ण उल्लंघन…’, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान ने होर्मुज में जहाजों पर दागे 4 ड्रोन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे सिंगापुर के झंडे वाले एक कार्गो जहाज पर यह हमला हुआ, जिसकी पहचान 'एवर लवली' के रूप में हुई है.
अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से चल रही जंग को रोकने के लिए पिछले हफ्ते हुए शांति समझौते को पहला और सबसे बड़ा झटका लगा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सीजफायर के नियमों का उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया है. ट्रंप का दावा है कि ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से गुजर रहे कमर्शियल जहाजों पर चार आत्मघाती ड्रोन दागे हैं. इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच बेहद मुश्किलों से स्थापित हुआ शांति समझौता एक बार फिर गहरे संकट में घिर गया है.
ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर निकाला गुस्सा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस हमले की जानकारी दी. ट्रंप ने लिखा, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर रहे जहाजों पर कम से कम चार आत्मघाती ड्रोन दागे. इनमें से एक ड्रोन एक बड़े और बेहद महंगे कार्गो शिप के ऊपरी डेक पर जा गिरा. जहाज को नुकसान पहुंचा है, लेकिन वह आगे बढ़ने में सक्षम था.'
ट्रंप ने आगे दावा किया कि अमेरिकी सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए बाकी के तीन ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया. उन्होंने सख्त लहजे में कहा, 'जाहिर तौर पर, यह हमारे सीजफायर समझौते का एक मूर्खतापूर्ण उल्लंघन है.'
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे सिंगापुर के झंडे वाले एक कार्गो जहाज पर यह हमला हुआ, जिसकी पहचान 'एवर लवली' के रूप में हुई है. यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के अनुसार, ओमान के तट के पास जहाज पर एक गोला आकर गिरा, जिससे जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
इस हमले के तुरंत बाद, संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन ने संघर्ष वाले क्षेत्र से जहाजों और नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हाल ही में शुरू किए गए अपने विशेष कार्यक्रम को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है.
वॉल स्ट्रीट जर्नल और रॉयटर्स ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह हमला ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' द्वारा किया गया है. दिलचस्प बात यह है कि हमले से कुछ ही मिनट पहले ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और ईरान द्वारा गठित 'पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चेतावनी दी थी कि केवल उन्हीं जहाजों को सुरक्षित मार्ग की गारंटी दी जाएगी जो ईरान द्वारा तय किए गए रास्तों का उपयोग करेंगे.
दूसरी तरफ, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी तरह के सीधे ईरान-अमेरिका सीजफायर या लाइन के दावों को 'सफेद झूठ' करार दिया है. नूरन्यूज के मुताबिक, प्रवक्ता ने कहा कि 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से ईरानी क्षेत्र है और इसका अमेरिका से कोई लेना-देना नहीं है.'
अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से चल रही जंग को रोकने के लिए पिछले हफ्ते हुए शांति समझौते को पहला और सबसे बड़ा झटका लगा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सीजफायर के नियमों का उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया है. ट्रंप का दावा है कि ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से गुजर रहे कमर्शियल जहाजों पर चार आत्मघाती ड्रोन दागे हैं. इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच बेहद मुश्किलों से स्थापित हुआ शांति समझौता एक बार फिर गहरे संकट में घिर गया है.
ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर निकाला गुस्सा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस हमले की जानकारी दी. ट्रंप ने लिखा, ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर रहे जहाजों पर कम से कम चार आत्मघाती ड्रोन दागे. इनमें से एक ड्रोन एक बड़े और बेहद महंगे कार्गो शिप के ऊपरी डेक पर जा गिरा. जहाज को नुकसान पहुंचा है, लेकिन वह आगे बढ़ने में सक्षम था.’
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ट्रंप ने आगे दावा किया कि अमेरिकी सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए बाकी के तीन ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया. उन्होंने सख्त लहजे में कहा, ‘जाहिर तौर पर, यह हमारे सीजफायर समझौते का एक मूर्खतापूर्ण उल्लंघन है.’
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे सिंगापुर के झंडे वाले एक कार्गो जहाज पर यह हमला हुआ, जिसकी पहचान ‘एवर लवली’ के रूप में हुई है. यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के अनुसार, ओमान के तट के पास जहाज पर एक गोला आकर गिरा, जिससे जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
इस हमले के तुरंत बाद, संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन ने संघर्ष वाले क्षेत्र से जहाजों और नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हाल ही में शुरू किए गए अपने विशेष कार्यक्रम को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है.
वॉल स्ट्रीट जर्नल और रॉयटर्स ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह हमला ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ द्वारा किया गया है. दिलचस्प बात यह है कि हमले से कुछ ही मिनट पहले ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और ईरान द्वारा गठित ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चेतावनी दी थी कि केवल उन्हीं जहाजों को सुरक्षित मार्ग की गारंटी दी जाएगी जो ईरान द्वारा तय किए गए रास्तों का उपयोग करेंगे.
दूसरी तरफ, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी तरह के सीधे ईरान-अमेरिका सीजफायर या लाइन के दावों को ‘सफेद झूठ’ करार दिया है. नूरन्यूज के मुताबिक, प्रवक्ता ने कहा कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से ईरानी क्षेत्र है और इसका अमेरिका से कोई लेना-देना नहीं है.’