जॉर्डन में दहलाए अमेरिकी सैन्य अड्डे, मिसाइलों से फाइटर जेट्स भी उड़ाए- ईरान का बड़ा दावा
ईरान ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक किया. ईरान का कहना है कि इन हमलों में अमेरिका के कई फाइटर जेट और हवा में फ्यूल भरने वाले विमान तबाह हो गए.
Written By: Varsha Sikri|Updated: Jul 17, 2026 17:58
Edited By : Varsha Sikri|Updated: Jul 17, 2026 17:58
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Credit: AI
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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है. दोनों एक दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं. इसी बीच शुक्रवार को ईरान ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक किया. ईरान का कहना है कि इन हमलों में अमेरिका के कई फाइटर जेट और हवा में फ्यूल भरने वाले विमान तबाह हो गए. IRGC ने जानकारी देते हुए कहा कि 'ऑपरेशन नसर 2' के तहत उन्होंने जॉर्डन में दो फेज़ में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया. IRGC ने बताया कि हमले में कई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया, जिसमें अमेरिका को भारी नुकसान पहुंचा.
ईरान की मीडिया ने बताया कि जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी फाइटर जेट्स को तबाह कर दिया गया है. हालांकि, ईरान के इन दावों की पूरी तरह पुष्टि नहीं हो पाई है. ईरान के हमले को लेकर ना ही अमेरिका की ओर से कोई बयान जारी किया गया है और ना ही जॉर्डन की तरफ से. ईरान के दावे से कुछ घंटे पहली ही जॉर्डन की सेना की ओर से ये ऐलान किया गया था कि उसने तीन ईरानी मिसाइलों को खत्म कर दिया. ओमान ने कहा कि इस हमले में किसी जान-माल की हानि नहीं हुई. वहीं, IRGC ने जॉर्डन की जनता से अपील की है कि वो अमेरिकी हितों को निशाना बनाए. इससे पहले अमेरिका ने रातभर ईरान पर एक के बाद एक कई हमले किए.
अमेरिका के हमलों का क्या है मकसद?
US सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसका मकसद ईरान की सैन्य क्षमताओं को तबाह करना है. अमेरिका का दावा है कि उसने ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया. ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने आम नगारिकों की बिल्डिंग्स को भी टारगेट किया. ईरानी मीडिया ने बताया कि बंदर अब्बास, बुशहर और केशम आईलैंड के पास अमेरिकी सेना ने हमले किए. साथ ही ईरानशहर एयरपोर्ट, एक रेलवे स्टेशन और कई पुलों पर भी निशाना बनाया. दरअसल, राष्ट्रपति ट्रंप ने ये चेतावनी दी थी कि अगर तेहरान बातचीत के लिए वापस नहीं आता है तो अमेरिका ईरान के पुलों और पावर स्टेशन को टारगेट करेगा. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने तस्वीरें जारी करते हुए ये दावा किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर ईरान का कब्ज़ा नहीं है.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है. दोनों एक दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं. इसी बीच शुक्रवार को ईरान ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक किया. ईरान का कहना है कि इन हमलों में अमेरिका के कई फाइटर जेट और हवा में फ्यूल भरने वाले विमान तबाह हो गए. IRGC ने जानकारी देते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन नसर 2’ के तहत उन्होंने जॉर्डन में दो फेज़ में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया. IRGC ने बताया कि हमले में कई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया, जिसमें अमेरिका को भारी नुकसान पहुंचा.
ईरान की मीडिया ने बताया कि जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी फाइटर जेट्स को तबाह कर दिया गया है. हालांकि, ईरान के इन दावों की पूरी तरह पुष्टि नहीं हो पाई है. ईरान के हमले को लेकर ना ही अमेरिका की ओर से कोई बयान जारी किया गया है और ना ही जॉर्डन की तरफ से. ईरान के दावे से कुछ घंटे पहली ही जॉर्डन की सेना की ओर से ये ऐलान किया गया था कि उसने तीन ईरानी मिसाइलों को खत्म कर दिया. ओमान ने कहा कि इस हमले में किसी जान-माल की हानि नहीं हुई. वहीं, IRGC ने जॉर्डन की जनता से अपील की है कि वो अमेरिकी हितों को निशाना बनाए. इससे पहले अमेरिका ने रातभर ईरान पर एक के बाद एक कई हमले किए.
अमेरिका के हमलों का क्या है मकसद?
US सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसका मकसद ईरान की सैन्य क्षमताओं को तबाह करना है. अमेरिका का दावा है कि उसने ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया. ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने आम नगारिकों की बिल्डिंग्स को भी टारगेट किया. ईरानी मीडिया ने बताया कि बंदर अब्बास, बुशहर और केशम आईलैंड के पास अमेरिकी सेना ने हमले किए. साथ ही ईरानशहर एयरपोर्ट, एक रेलवे स्टेशन और कई पुलों पर भी निशाना बनाया. दरअसल, राष्ट्रपति ट्रंप ने ये चेतावनी दी थी कि अगर तेहरान बातचीत के लिए वापस नहीं आता है तो अमेरिका ईरान के पुलों और पावर स्टेशन को टारगेट करेगा. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने तस्वीरें जारी करते हुए ये दावा किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर ईरान का कब्ज़ा नहीं है.