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दुनिया

क्या ‘होमुर्ज संकट’ से मिलेगी राहत? ईरान के खिलाफ एकजुट हुए 22 देश, कहा- तुरंत खोल दो जलमार्ग

संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में यूएई, बहरीन, यूके, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, चेकिया, रोमानिया, लिथुआनिया और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं.

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Written By: Akarsh Shukla Updated: Mar 21, 2026 21:47
Strait of Hormuz
होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों की आवाजाही ठप हो गई है।

ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) का संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बन गया है. ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, यूएई, बहरीन, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया समेत 22 देशों ने शनिवार को संयुक्त बयान जारी कर ईरान की कड़ी निंदा की. उन्होंने निहत्थे व्यापारिक जहाजों पर हमले, तेल-गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने और जलडमरूमध्य की वास्तविक बंदी को अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन बताया. इन देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का हवाला देते हुए ईरान से तुरंत धमकियां बंद करने, बारूदी खदानें हटाने, ड्रोन-मिसाइल हमले रोकने की मांग की.

दुनिया के लिए क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज स्ट्रेट?


दुनिया के 20 प्रतिशत तेल-गैस व्यापार का गेटवे होर्मुज से अब 95 प्रतिशत जहाजों के आवाजाही पर प्रभावित है. इससे तेल कीमतें आसमान छू रही हैं, ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला चरमरा गई. 22 देशों ने सुरक्षित नौवहन बहाल करने के प्रयासों में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने IEA के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार जारी करने का स्वागत किया और कमजोर देशों को सहायता का वादा किया. बयान में यूएन समुद्री कानून संधि के तहत नौवहन स्वतंत्रता पर जोर दिया गया.

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अमेरिका का बमबारी अभियान तेज


उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एडमिरल ब्रैड कूपर ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर खुलासा किया कि युद्ध शुरू होने के बाद तीन सप्ताह में ईरान के 8,000 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए, जिनमें 130 ईरानी जहाज शामिल. उन्होंने इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नौसेना का सबसे बड़ा विनाश बताया. ईरान की लड़ाकू क्षमता लगातार क्षीण हो रही है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सहयोगियों से स्ट्रेट सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने की अपील की, लेकिन सीजफायर से इनकार किया.

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इन देशों ने थामा मोर्चा


संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में यूएई, बहरीन, यूके, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, चेकिया, रोमानिया, लिथुआनिया और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. शुरुआत कुछ प्रमुख राष्ट्रों से हुई, बाद में संख्या 22 पहुंची. ईरान का दावा है कि केवल दुश्मन जहाज रोके जा रहे, लेकिन वाणिज्यिक ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित. खाड़ी में 22 भारतीय जहाज फंसे हैं और 611 चालक दल सदस्यों की जिंदगी दांव पर लगी हुई है.

First published on: Mar 21, 2026 09:46 PM

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