Gaurav Pandey
लिखने-पढ़ने का शौक है। राजनीति में दूर-दूर से रुचि है। अखबार की दुनिया के बाद अब डिजिटल के मैदान में हूं। आठ साल से ज्यादा समय से देश-विदेश की खबरें लिख रहा हूं। दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे संस्थानों में सेवाएं दी हैं।
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 31 जुलाई को कुछ मनचलों ने एक महिला के साथ छेड़खानी की थी। इसका वीडियो वायरल हुआ तो मामला भी गर्माया। सरकार की आलोचना शुरू हुई और गुरुवार को विधानसभा में भी यह मुद्दा उठा। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमने जवाबदेही तय की है। इसके साथ ही उन्होंने मामले के दो आरोपियों के नाम और जाति भी बताई। उनकी इसी बात पर विवाद फिर से शुरू हो गया। विपक्षी नेताओं का कहना है कि अपराधी की जाति बताने का क्या मतलब है।
इसे लेकर न्यूज24 के स्पेशल प्रोग्राम में भी बहस हुई। इस दौरान जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय सचिव राजीव रंजन ने भी इस मसले पर अपने विचार रखे। राजीव रंजन ने कहा कि जिस तरह से जाति और धर्म के आदार पर हमारा समाज बंट रहा है, राजनीतिक दलों का विमर्श भी बदल गया है। अगर कानून व्यवस्था एक सवाल है तो निस्संदेह सरकार की जवाबदेही बनती है। लेकिन अगर विपक्ष को सिर्फ जाति और सत्ता पक्ष को केवल धर्म दिखता हो तो जिन लोगों ने इस देश को बनाया वो भी आज अंदर से बहुत दुखी होंगे।
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