Rahu Ki Mahadasha Me Ketu Ki Antardasha: राहु और केतु दोनों ही शक्तिशाली ग्रह हैं, जिन्हें ज्योतिष शास्त्र में छाया ग्रह माना गया है. इन दोनों ग्रहों की वक्त-वक्त पर महादशा और अंतर्दशा चलती है, जिनका सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह का प्रभाव राशियों पर पड़ता है. राहु ग्रह में केतु की अंतर्दशा कुल 1 साल 18 दिन की होती है. यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु-केतु दोनों ग्रहों की स्थिति खराब है या दोनों ग्रह पापक ग्रहों से युक्त हैं तो गंभीर बीमारियों और दुर्घटना की संभावना रहती है.
वहीं, राहु-केतु ग्रह शुभ स्थान पर विराजमान हैं तो अशुभ फल प्रदान नहीं करते हैं. इस बारे में और जानने के लिए वीडियो को देखें.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.









