Kele Ke Patte Se Jude Upay: हिन्दू धर्म में केले के पेड़ और उसके पत्तों को पूजनीय माना गया है. मान्यता है कि जो लोग नियमित रूप से केले के पेड़ की पूजा करते हैं, उनके घर में सुख, समृद्धि और धन आदि का वास होता है. इसके अलावा भगवान विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है. हालांकि, पूजा-पाठ के अलावा केले के पत्तों से जुड़े उपायों को करके भी मानव जीवन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है. खासकर, आर्थिक तंगी और नकारात्मक ऊर्जा से छुटकारा मिलता है.
उपाय- सबसे पहले लाल चंदन, हल्दी, केसर और शहद का घोल बनाएं. फिर इससे केले के पत्ते पर कुबेर यंत्र बनाएं. अब बेल के पेड़ के नीचे बैठकर हाथ में पत्ते को लेकर ‘ओम ह्रीम श्रीम बीज कुबेराय नमः’ मंत्र का जाप करें. अब पत्ते को तिजोरी में रख दें. यदि बुधवार के दिन आप ये उपाय करते हैं तो इससे आपको धन की कमी से मुक्ति मिल सकती है.
यदि आप केले के पत्तों से जुड़े अन्य प्रभावशाली उपायों के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देखें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
संबंधित खबरें
IND vs NZ: टीम इंडिया के टेस्ट स्क्वाड में हो सकता है बड़ा बदलाव
4 hrs agoWTC फाइनल में टीम इंडिया कैसे बना सकती है जगह? जानें पूरा समीकरण
8 hrs agoWTC फाइनल में पहुंचने के लिए भारत को कितने मैच जीतने जरूरी?
23 hrs agoICC ने बदल दिए क्रिकेट के 5 बड़े नियम, अब बोल्ड नहीं होगा OUT?
1 day agoन्यूजीलैंड ODI सीरीज के लिए ऐसा हो सकता है टीम इंडिया का स्क्वाड
1 day agoवृषभ राशि वाले नवरात्रि में करें दुर्गा सप्तशी का पाठ, मिलेगा आर्थिक लाभ
1 day agoइलाज के लिए तड़पता रहा बेटा, बुजुर्ग मां से लगवाया पोंछा, वीडियो वायरल
1 day agoअगरकर की विदाई के बाद इन खिलाड़ियों की हो सकती टीम इंडिया में वापसी
1 day agoIND vs WI: टीम इंडिया को चौथे T20 मुकाबले में जीता सकते हैं ये 5 खिलाड़ी
2 days agoनवरात्रि में कैसे करनी चाहिए पूजा? पंडित सुरेश पांडेय ने बताया सही तरीका
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines