साल 1977 जब रिलायंस पहली बार पब्लिक हुई तो धीरूभाई अंबानी की कोशिश थी कि देश की तरक्की सिर्फ चंद हाथों में नहीं, बल्कि हर आम भारतीय की जेब तक पहुंचनी चाहिए. इसी सोच के साथ उन्होंने आम नागरिकों को शेयर बाजार से जोड़कर देश में वेल्थ क्रिएशन का पहला बीज बोया. विरासत की इसी सोच को दूसरी पीढ़ी में मुकेश अंबानी ने एक नई उड़ान दी, उन्होंने देखा कि आने वाला कल डिजिटल है. इसी डिजिटल पीढ़ी के लिए मुकेश अंबानी ने महंगे डेटा की दीवारों को गिराकर लोगों के हाथ में दुनिया का सबसे सस्ता और तेज इंटरनेट थमा दिया.
लोगों के हाथ में पहले के मुकाबले 27 गुना तेज इंटरनेट था. डेटा की कीमतों में भारी गिरावट हुई. साल 2016 में 250 रुपये में महीने भर के लिए एक GB डेटा से घटकर आज 1 GB डेटा 8 रुपये से भी कम में मिल रहा है. इससे भारतीय उपभोक्ताओं की सालाना बचत करीब 60,000 करोड़ रुपये हो गई. आज देश का 60% वायरलेस डेटा ट्रैफिक अकेले जियो के नेटवर्क पर दौड़ रहा है.
आकाश अंबानी के कंधे पर Jio को बढ़ाने की जिम्मेदारी
डेटा और मोबाईल से लोगों की दिलों की धड़कन बनने वाला जिओ आज एंटरटेनमेंट और मीडिया, होम ब्रॉडबैंड और क्लाउड, कॉर्पोरेट और स्टार्टअप बिजनेस, डिजिटल पेमेंट और ई-कॉमर्स के साथ हर सेक्टर में अपनी छाप छोड़ चुका है.
अब बारी डिजिटल से भी आगे बढ़ने की है, जिसकी नींव अंबानी परिवार की तीसरी पीढ़ी यानी आकाश अंबानी रखने जा रहे हैं. उनका विजन भारत को तकनीक के मामले में ग्लोबल लीडर बनाना है. आकाश अंबानी जीओ आईपीओ के साथ पूरे भारत को वैश्विक मंच पर सबसे आगे खड़ा करने की तैयारी कर रहे हैं. जहां आम भारतीय इस डिजिटल साम्राज्य के सीधे मालिक और साझेदार बनेंगे. जिसमें लोगों के लिए कुल इश्यू का 35% हिस्सा आम रिटेल निवेशकों के लिए सुरक्षित होगा.
रिलायंस शेयरधारकों के लिए विशेष रिजर्वेशन
आगामी IPO में मौजूदा रिलायंस शेयरधारकों के लिए विशेष रिजर्वेशन का प्लान है. रिटेल और शेयरहोल्डर दोनों श्रेणियों में अधिकतम 2-2 लाख रुपये तक निवेश का मौका मिलेगा. एक ही PAN से दोनों कोटा में अप्लाई करने की छूट होगी. आगामी आईपीओ में धीरूभाई अंबानी का भरोसा, मुकेश अंबानी का नेटवर्क और अब आकाश अंबानी का ग्लोबल विजन है. लेकिन सवाल ये है कि पिछली दो पीढ़ी की तरह आकाश अंबानी जिओ आईपीओ की यात्रा भी भारत की तरक्की की सबसे बड़ी गवाह बनेगा और लोगों का दिल जीत पाएगा?