रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलिकॉम यूनिट जियो प्लेटफॉर्म्स के आगामी आईपीओ (IPO) की तारीखों का ऐलान हो गया है. पब्लिक के लिए कंपनी का सार्वजनिक आईपीओ 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक खुलेगा, जिसमें निवेश के लिए आवेदन किया जा सकेगा. वहीं, एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया 19 अक्टूबर को होगी. रिलायंस जियो ने 14 अक्टूबर को अहमदाबाद स्थित रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है.
कर्मचारियों और शेयरधारकों के लिए रिजर्वेशन
इस आईपीओ के तहत जियो प्लेटफॉर्म्स 10 रुपये प्रिंट प्राइस वाले अधिकतम 27 करोड़ इक्विटी शेयर जारी करेगी. निर्गम में कंपनी के कर्मचारियों और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए भी विशेष कोटा रखा गया है. इस रिजर्वेशन के तहत कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर निर्धारित किए गए हैं.
RIL के शेयरधारकों को कैसे मिलेगा लाभ?
जियो (Jio IPO) के आईपीओ में रिलायंस इंडस्ट्रीज के उन पात्र शेयरधारकों के लिए अलग रिजर्वेशन रखा गया है, जो निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं. इसके लिए व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) की श्रेणी में आने वाले निवेशकों के पास 14 अक्टूबर 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के सार्वजनिक इक्विटी शेयर होने चाहिए. यह तारीख RHP दाखिल करने की तारीख है. हालांकि, इस श्रेणी में आवेदन करने के लिए संबंधित नियमों और एलिजिबल शर्तों का पालन करना जरूरी होगा.
गौर करने वाली बात ये है कि कर्मचारियों के लिए रिजर्व हिस्से में भी सिर्फ एलिजिबल कर्मचारी ही आवेदन कर सकेंगे. रिजर्वेशन का मतलब शेयर मिलने की गारंटी नहीं है. आवेदकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत बोली लगानी होगी और शेयरों का आवंटन निर्गम की शर्तों के अनुसार किया जाएगा.
जून में दाखिल हुआ था ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट
आपको बता दें कि आईपीओ की प्रक्रिया में यह कदम जून में दाखिल किए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के बाद आया है. कंपनी को 28 अगस्त को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से ऑब्जर्वेशन लेटर मिला था. अब RHP दाखिल होने के बाद निवेशकों के लिए कंपनी के कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन और उससे जुड़े जोखिमों की जानकारी का आकलन करना महत्वपूर्ण होगा.