Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि व्रत के दौरान आपको सिर्फ सुबह ही नहीं बल्कि, शाम को भी पूजा करनी चाहिए. आपने व्रत रखा है और घर पर ही हैं तो, आपको सुबह और शाम के अलावा दोपहर के समय पूजा करनी चाहिए. आपको दोपहर में खूब मन लगाकर पूजा करनी चाहिए. पूजा के लिए समय नहीं मिल रहा है तो, ऐसे में दिन के समय दुर्गा जी की मानस पूजा यानी मानसिक तौर पर पूजा करें.
दुर्गा सप्तशती का पाठ (Durga Saptashati Path)
नवरात्रि में दिन में आपको समय मिलता है तो, इस समय बैठकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें. आप भौतिक रूप से मां भगवती की आराधना करते हैं लेकिन मानसिक रूप से पूजा नहीं करते हैं. ऐसे में इसका अधिक लाभ नहीं मिलता है. आपको मां भगवती के श्री चरणों में ध्यान लगाना चाहिए. आप इस प्रकार से पूजा करते हैं तो आपको मां दुर्गा के आशीर्वाद से तुरंत लाभ मिलेगा.
तीन प्रकार की पूजा
धर्म शास्त्र में कायिक, वाचिक और मानसिक पूजा के बारे में बताया गया है. तीन प्रकार की पूजा करने से लाभ मिलते हैं. कायिक पूजा है कि, आप मंदिर में जाकर साफ-सफाई करें. मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं और भक्तों की सेवा कर दीजिए. वाचिक पूजा का अर्थ है कि, आप श्रीमद् देवी भागवत महापुराण का पाठ कर लीजिए. नवार्ण मंत्र का जाप करें और देवियों के स्त्रोत पढ़ें. मानसिक पूजा का अर्थ है कि, आप मानसिक तौर पर देवी का आह्वान और पूजा करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.