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VIDEO: बांकी विधानसभा उपचुनाव में चलेगा प्रशांत किशोर का जादू? एग्जिट पोल के नतीजे देख BJP भी हैरान

Bankipur Election 2026: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के एग्जिट पोल ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है. कई सर्वे में जन स्वराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को बढ़त मिलने का दावा किया गया है, जबकि यह सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ रही है.

हाइलाइट्स News24 AI द्वारा निर्मित • संपादकीय टीम द्वारा जांचा गया

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के मुख्य बिंदु

एग्जिट पोल के अनुसार, जन स्वराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को बांकीपुर उपचुनाव में बढ़त मिलने का दावा किया गया है।

बांकीपुर सीट को लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।

यह चुनाव प्रशांत किशोर की नई राजनीतिक पार्टी जन स्वराज के लिए एक बड़ी परीक्षा है।

एग्जिट पोल के अनुमान

वोट वाइब ओपिनियन पोल के मुताबिक, युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं का झुकाव जन स्वराज की ओर देखा गया है।

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Bankipur Election 2026: बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर आए एग्जिट पोल ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. कई सर्वे और वोट वाइब ओपिनियन पोल में जन स्वराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को बढ़त मिलने का दावा किया गया है. हालांकि यह सिर्फ एग्जिट पोल के अनुमान हैं और अंतिम फैसला मतगणना के बाद ही सामने आएगा.

बाकीपुर सीट लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है. ऐसे में इस बार का उपचुनाव बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है. जबकि प्रशांत किशोर के लिए यह चुनाव उनकी नई राजनीतिक पार्टी जन स्वराज की सबसे बड़ी परीक्षा माना जा रहा है. यदि एग्जिट पोल के अनुमान सही साबित होते हैं तो यह बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है.

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वोट वाइब ओपिनियन पोल के मुताबिक प्रशांत किशोर को बीजेपी उम्मीदवार पर बढ़त मिलती दिखाई गई है. सर्वे में दावा किया गया है कि इस बार युवाओं, पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं और बदलाव चाहने वाले वोटरों का झुकाव जन स्वराज की ओर देखने को मिला है.

वहीं, बीजेपी के पारंपरिक वोट बैंक में कुछ नाराजगी और बिखराव की भी चर्चा की गई है. हालांकि इन दावों की पुष्टि आधिकारिक चुनाव परिणाम आने के बाद ही हो सकेगा. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार सवर्ण मतदाताओं के एक वर्ग में नाराजगी देखने को मिली. स्थानीय मुद्दों, उम्मीदवार चयन और बदलते राजनीतिक समीकरणों का असर वोटिंग पर पड़ सकता है. इसके अलावा युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के बीच प्रशांत किशोर के अभियान को भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की चर्चा है. हालांकि यह विश्लेषण एग्जिट पोल और चुनावी आकलनों पर आधारित है. अंतिम तस्वीर मतगणना के बाद ही साफ होगी.

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First published on: Aug 02, 2026 02:09 PM

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