इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक जज ने साफ तौर पर कहा है कि 'सर तन से जुदा' नारे की तुलना 'जय श्री राम', 'अल्लाहु अकबर', 'सत श्री अकाल' या 'हर हर महादेव' जैसे धार्मिक नारों से नहीं की जा सकती. 2025 में बरेली में हुई हिंसा के मामले में मौलाना तौकीर रजा खान की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि 'सर तन से जुदा' नारा भारत की संप्रभुता को चुनौती देता है और इसकी तुलना 'अल्लाहु अकबर' या 'जय श्री राम' जैसे नारों से नहीं की जा सकती. यह मामला 26 सितंबर 2025 को बरेली में 'आई लव मुहम्मद' मुद्दे पर भड़की हिंसा से जुड़ा है. इस घटना में मौलाना तौकीर रज़ा खान को मुख्य आरोपी बनाया गया था. उन्होंने जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी, जिस पर जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की सिंगल-जज बेंच ने सुनवाई की.