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टेंशन के बीच मणिपुर को मिला 3692 करोड़ का प्रोजेक्ट, राजधानी इंफाल में बनने जा रहा 25 KM लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर

Elevated Corridor In Manipur's Capital: मणिपुर की राजधानी इंफाल में 25 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की प्लानिंग चल रही है, अगर ये प्रोजेक्ट शुरू और पूरा होता है, तो ये राज्य के विकास के लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकता है.

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मुख्य बिंदु

  • इंफाल के लिए ₹3,691.81 करोड़ का एलिवेटेड कॉरिडोर प्रस्तावित है.
  • इस प्रोजेक्ट में 25 किलोमीटर लंबा चार-लेन वाला एलिवेटेड रोड होगा.
  • आगे की कार्रवाई के लिए DPR को NHIDCL को सौंप दिया गया है.
  • ये कॉरिडोर कोइरेंगेई, मणिपुर यूनिवर्सिटी और इंफाल एयरपोर्ट को जोड़ेगा.
  • ये प्रोजेक्ट मणिपुर के 15,000 करोड़ रुपये के हाईवे डेवलपमेंट पैकेज का हिस्सा है.

Imphal Elevated Corridor: पिछले कुछ सालों से मणिपुर हिंसा की आग में जल रहा है, हालांकि इस टेंशन के बीच एक पॉजिटिव खबर आई है. राजधानी इंफाल में एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर कदम बढ़ाया गया है, जिससे ये राज्य अपने अब तक के सबसे बड़े शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक के करीब पहुंच गया है. 3,691.81 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस अहम चार-लेन एलिवेटेड रोड से राज्य की राजधानी में ट्रैफिक के फ्लो बेहतर होने, कनेक्टिविटी मजबूत करने और ट्रांसपोर्ट सिस्टम के मॉडर्नाइज होने की उम्मीद है.

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चुनावों से पहले मिलेगी मंजूरी?

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने इस प्रोजेक्ट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को आगे की जांच और लागू करने के लिए नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) को सौंप दिया है. अधिकारियों का मानना ​​है कि मार्च-अप्रैल 2027 में होने वाले मणिपुर विधानसभा चुनावों से पहले इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिल सकती है.

इंफाल के लिए सबसे बड़ी पहल

NHIDCL के अधिकारियों के मुताबिक, MoRTH, NHIDCL और प्रोजेक्ट कंसल्टेंट के बीच नियमित बातचीत के जरिए तकनीकी समीक्षा का काम चल रहा है. इस एलिवेटेड कॉरिडोर को 25 किलोमीटर लंबे स्ट्रक्चर के तौर पर प्लान किया गया है, जो इसे मणिपुर के इतिहास में शहरी सड़क विकास की सबसे बड़ी पहल बनाता है.

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कई सालों से चल रही प्लानिंग

इस प्रोजेक्ट का प्रपोजल मूल रूप से 2020 में मणिपुर लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इंफाल से गुजरने वाले नेशनल हाईवेज पर बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करने के लिए दिया था. 2021 में कंसल्टेंसी सेवाओं के लिए केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद, DPR पूरी की गई और 2022 के आखिर में इसे सब्मिट किया गया.

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कॉरिडोर कहां से गुजरेगा?

प्रपोजल के तहत, कॉरिडोर NH-02 पर कोइरेंगेई जंक्शन से शुरू होगा और राजभवन रोटरी के पास दो हिस्सों में बंट जाएगा. एक हिस्सा NH-102 के जरिए मणिपुर यूनिवर्सिटी की तरफ जाएगा, जबकि दूसरा हिस्सा NH-02 के जरिए इंफाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाएगा. इसमें CM ट्रैफिक रोटरी और सिटी कन्वेंशन सेंटर को जोड़ने वाला एक अलग दो-लेन का फ्लाईओवर भी शामिल है.

ट्रैवल टाइम घटेगा

इस एलिवेटेड रोड से शहर में यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है, जिससे निवासियों, छात्रों, व्यापारियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए रोजाना का आना-जाना आसान हो जाएगा. ट्रैफिक मूवमेंट बेहतर होने से ईंधन की खपत और गाड़ियों से होने वाला प्रदूषण भी कम हो सकता है.

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नितिन गडकरी ने किया सपोर्ट

ये प्रोजेक्ट मणिपुर के लिए केंद्र के 15,000 करोड़ रुपये के नेशनल हाईवे विकास पैकेज का हिस्सा है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस प्रस्ताव के लिए अपना समर्थन दोहराया है और राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और लंबे समय तक चलने वाले आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार के कमिटमेंट पर जोर दिया है.

निष्कर्ष

इंफाल एलिवेटेड कॉरिडोर में शहरी आवाजाही को बेहतर बनाकर और ट्रैफिक जाम को कम करके मणिपुर के लिए एक अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बनने की क्षमता है. तेज ट्रांसपोर्टेशन के अलावा, इस प्रोजेक्ट से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने, निवेश को प्रोत्साहित करने, रोजगार के मौके पैदा करने और ट्रैफिक के सुचारू संचालन के जरिए पर्यावरण की स्थिरता को बेहतर बनाने की उम्मीद है. अगर इसे मंजूरी मिलती है और प्लान के मुताबिक पूरा किया जाता है, तो ये एलिवेटेड कॉरिडोर इंफाल के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को काफी हद तक बदल सकता है और साथ ही राज्य के लॉन्ग टर्म शहरी विकास और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर लक्ष्यों में योगदान दे सकता है.

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Frequently Asked Questions

प्रस्तावित प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹3,691.81 करोड़ है.
इस कॉरिडोर की लंबाई तकरीबन 25 किलोमीटर रखने की योजना है.
यह कोइरेंगेई जंक्शन, राजभवन रोटरी, मणिपुर यूनिवर्सिटी, इंफाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट और इंफाल के अन्य प्रमुख हिस्सों को जोड़ेगा.
DPR की मंजूरी के बाद, नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) आगे की प्रक्रिया और कार्यान्वयन का काम संभालेगी.
इस कॉरिडोर से ट्रैफिक जाम कम होने, ट्रैवल टाइम घटने, कनेक्टिविटी बेहतर होने, ईंधन की खपत और उत्सर्जन में कमी आने तथा मणिपुर के आर्थिक और शहरी विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
First published on: Jul 01, 2026 05:38 PM

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About the Author

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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