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क्या फिर से LPG सिलेंडर के लिए होगी मारामारी? गैस और तेल के 'महासंकट' से लड़ने के लिए कितना तैयार है भारत

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल और गैस की आवाजाही नहीं हो पा रही, कई जहाज बीच समुद्र में फंसे हैं. ऐसे में फिर से आम जनता को ये डर सता रहा है कि कहीं फिर से सिलेंडर के लिए मारामारी ना शुरू हो जाए.

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क्या फिर से LPG सिलेंडर के लिए होगी मारामारी? (Photo: AI)

ईरान और अमेरिका के बीच शुरू हुई लड़ाई का केंद्र अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बन गया है. यही वजह है कि वहां से तेल और गैस की आवाजाही नहीं हो पा रही, कई जहाज बीच समुद्र में फंसे हैं. ऐसे में फिर से आम जनता को ये डर सता रहा है कि कहीं फिर से सिलेंडर के लिए मारामारी ना शुरू हो जाए. 28 फरवरी 2026 में जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया था, उसके बाद सिलेंडर की किल्लत शुरू हो गई थी. हर जगह लंबी कतारें नजर आ रही थीं. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. इस बार किसी भी महासंकट से लड़ने के लिए भारत ने काफी तैयारी कर रखी है.

कितना तैयार है भारत?

पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से भारत के LPG का 90 प्रतिशत आयात होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है. भारत अब सिर्फ अमेरिका पर निर्भर नहीं है, वो कई देशों से एलपीजी खरीद रहा है. हर रोज भारत में करीब 37,000-38,000 मीट्रिक टन LPG बना रहा है. अब देश की रिफाइनरियों का मकसद है कि प्रोडक्शन में 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जाए. द इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों का कहना है- ”फिलहाल भारत के पास काफी स्टॉक है. होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई आ रही है, लेकिन इसपर अब डिपेंड नहीं रहा जा सकता. लेकिन अगर एक हफ्ते के लिए भी होर्मुज बंद हो जाए तो मुसीबत खड़ी हो सकती है”

कैसे की भरपाई?

भारत ने LPG के आयात में कमी को पूरा करने के लिए घरेलू प्रोडक्शन बढ़ाई और खपत घटा दी. पेट्रोलियम मिनिस्ट्री के मुताबिक, अगस्त में घरेलू LPG खपत सालाना आधार पर 17 प्रतिशत कम रही. घरों, कमर्शियल यूजर और उद्योग सभी पर इसका असर साफ नजर आई. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को इस बात की ओर इशारा किया कि नवंबर में होने वाले अमेरिका के मिडटर्म चुनावों तक तेल की कीमतें कम नहीं होने वालीं. वहीं, अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्‍चे तेल का भाव अब 100 डॉलर प्रत‍ि बैरल के पार पहुंच चुका है, जिसकी वजह से भारतीय तेल व‍िपणन कंपन‍ियों का प्रत‍ि लीटर पेट्रोल और डीजल पर घाटा बढ़ गया है. र‍िपोर्ट्स के मुताबिक तेल व‍िपणन कंपन‍ियों को डीजल पर 23 रुपये और पेट्रोल पर 5 रुपये प्रत‍ि लीटर का घाटा उठाना पड़ रहा है. यहां तक क‍ि LPG पर भी कंपन‍ियों को 200 रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ रहा है.

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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