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अब अपने हिसाब से ट्रेन का वैगन डिजाइन कर सकेंगी प्राइवेट कंपनियां, रेलवे लाने वाली है नई पॉलिसी

Indian Railways News: इंडियन रेलवे अब एक नई वैगन डिजाइन पॉलिसी लाने वाली है, जिसके तहत इंडस्ट्री को माल ढोने वाले डिब्बे को डिजाइन करने का मौका मिलेगा. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 15 दिनों के भीतर इस नीति को आखिरी रूप देने के निर्देश दिए हैं.

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मुख्य बिंदु

  • भारतीय रेलवे इंडस्ट्रीज को कस्टमाइज्ड फ्रेट वैगन डिजाइन करने की इजाजत देने का प्लान बना रही है.
  • रेलवे की नई वैगन डिजाइन पॉलिसी के 15 दिनों के भीतर जारी होने की उम्मीद है.
  • वैगन डिजाइन कमोडिटी स्पेसिफिक ट्रांसपोर्ट जरूरतों के हिसाब से तैयार किए जाएंगे.
  • RDSO और CCRS सुरक्षा और तकनीकी मंजूरी सुनिश्चित करना जारी रखेंगे.
  • इस सुधार का मकसद लॉजिस्टिक्स लागत कम करना और पर्यावरण के अनुकूल रेल फ्रेट को बढ़ावा देना है.

New Freight Wagons Design Policy: भारतीय रेलवे अपनी वैगन डिजाइन पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है, जिससे इंडस्ट्रीज को अपनी ट्रांसपोर्ट जरूरतों के हिसाब से खास तरह के फ्रेट वैगन (माल ढोने वाले डिब्बे) बनाने की इजाजत मिलेगी. इस पहल का मकसद कार्गो की आवाजाही को बेहतर बनाना, लॉजिस्टिक्स की क्षमता बढ़ाना और ज्यादा से ज्यादा बिजनेस को सड़क के बजाय रेल ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने के लिए एनकरेज करना है.

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15 दिनों में तैयार होगी पॉलिसी

रेलवे बोर्ड के मुताबिक, नई पॉलिसी कंपनियों को खास सामान की लोडिंग, अनलोडिंग और ट्रांसपोर्ट की जरूरतों के हिसाब से वैगन डिजाइन का सुझाव देने की इजाजत देगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वो अगले 15 दिनों के भीतर इस पॉलिसी को आखिरी रूप दें और इसे रिलीज करें.

रेलवे को हो सकता है फायदा

ये प्रपोजल इंडस्ट्रीज, ट्रेड संगठनों और मुख्य फ्रेट ग्राहकों के साथ बातचीत के बाद आया है, जिन्होंने अलग-अलग तरह के कार्गो को संभालने के लिए कस्टमाइज्ड वैगन की जरूरत पर जोर दिया था. अधिकारियों का मानना ​​है कि इंडस्ट्री-स्पेसिफिक डिजाइन ऑपरेशनल क्षमता को बेहतर बना सकते हैं और फ्रेट ट्रांसपोर्ट में रेलवे की हिस्सेदारी बढ़ा सकते हैं.

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इंडस्ट्री के लिए भी फायदेमंद

मंत्रालय ने कहा कि सीमेंट और नमक जैसे सामानों के लिए पहले से विकसित खास वैगनों ने कार्गो हैंडलिंग में सुधार और ट्रांसपोर्ट की चुनौतियों को कम करके अच्छे नतीजे दिए हैं. इस कामयाबी को आगे बढ़ाते हुए, नया फ्रेमवर्क स्टील कॉइल्स और दूसरे खास सामानों से जुड़ी इंडस्ट्रीज को अपनी खास ऑपरेशनल जरूरतों के हिसाब से वैगन बनाने के लिए एनकरेज करेगा.

रेलवे की शर्तें

हालांकि इंडस्ट्रीज को वैगन डिजाइन करने में ज्यादा छूट मिलेगी, लेकिन सभी प्रस्तावित मॉडलों को सख्त टेक्निकल इवैल्युएशन से गुजरना होगा. वैगनों को सेवा में लाने से पहले डिजाइन की मंजूरी, प्रोटोटाइप टेस्टिंग और सुरक्षा सर्टिफिकेशन की देखरेख RDSO (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन) और CCRS (चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) करते रहेंगे.

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इनोवेशन को बढ़ावा

रेलवे बोर्ड को उम्मीद है कि यह पॉलिसी फ्रेट वैगन डेवलपमेंट में इनोवेशन को बढ़ावा देगी, रेल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करेगी और बिजनेस के लिए रेल ट्रांसपोर्ट को ज्यादा आकर्षक बनाएगी. सड़क से रेलवे की ओर कार्गो का ज्यादा झुकाव होने से ट्रांसपोर्ट की लागत कम होने, ट्रैफिक जाम घटने और कार्बन उत्सर्जन कम होने की भी उम्मीद है, जो भारत के लंबे समय के सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट लक्ष्यों में मदद करेगा.

निष्कर्ष

प्रपोज्ड वैगन डिजाइन पॉलिसी भारत के फ्रेट ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मॉडर्न बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. सख्त सुरक्षा मानकों को बनाए रखते हुए उद्योगों को कस्टमाइज्ड वैगन डेवलप करने की इजाजत देकर, भारतीय रेलवे अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने, अधिक कार्गो ट्रैफिक आकर्षित करने और अपने माल ढुलाई बिजनेस का विस्तार करने की उम्मीद कर रही है. इस पहल से इनोवेशन को बढ़ावा मिलने, लॉजिस्टिक्स खर्च कम होने और सड़क परिवहन से रेल परिवहन की ओर बदलाव को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है, जिससे आखिरकार कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए एक ज्यादा सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क तैयार होगा.

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First published on: Jun 26, 2026 02:33 PM

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About the Author

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वो नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है. 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत करने के बाद, वो दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वो नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है. 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत करने के बाद, वो दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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