Indian Railways New Rules: रेलवे यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है, सफर करने से पहले इस जानकारी को जरूर पढ़ें. भारतीय रेलवे अब ट्रेनों में टिकट चेकिंग के दौरान एक नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है. TTE अब अपनी यूनिफॉर्म पर एक खास बॉडी वॉर्न कैमरा पहनेंगे, जो टिकट चेकिंग के दौरान यात्रियों के साथ होने वाली पूरी बातचीत और गतिविधियों को ऑडियो-वीडियो फॉर्मेट में रिकॉर्ड करेगा. इस कदम से चेकिंग प्रक्रिया अधिक आधुनिक, प्रभावी और विश्वसनीय बनेगी.
प्रयागराज मंडल की दो प्रमुख ट्रेनों से हुई शुरुआत
उत्तर मध्य रेलवे (NCR) ने इस व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रयागराज मंडल में शुरू किया है. महाप्रबंधक के निर्देशों पर इसे सबसे पहले प्रयागराज एक्सप्रेस और श्रम शक्ति एक्सप्रेस में लागू किया गया है. पहले चरण में टिकट चेकिंग स्टाफ को 30 कैमरे दिए गए हैं और उन्हें इसके इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जा रही है. यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य ट्रेनों और पूरे देश में लागू किया जाएगा.
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क्या हैं बॉडी वॉर्न कैमरों की खासियतें?
यह छोटा और हल्का कैमरा होता है जिसे रेलकर्मी अपनी यूनिफॉर्म पर आसानी से लगा सकते हैं. इसमें हाई डेफिनिशन वीडियो रिकॉर्डिंग, ऑडियो रिकॉर्डिंग, नाइट विजन और लंबी यात्राओं के लिए टिकाऊ बैटरी बैकअप जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इसके अलावा इसमें टैम्पर-प्रूफ सिस्टम दिया गया है ताकि रिकॉर्ड किए गए वीडियो या ऑडियो में कोई फेरबदल या छेड़छाड़ न की जा सके.
यात्रियों और रेलकर्मियों दोनों को मिलेगा सीधा फायदा
अक्सर टिकट जांच के दौरान टीटीई और यात्रियों के बीच विवाद या झूठे आरोपों की स्थिति बन जाती थी. इस कैमरे की फुटेज से अब विवादों का सही और निष्पक्ष निपटारा हो सकेगा. इससे रेलवे कर्मचारियों को फर्जी शिकायतों से सुरक्षा मिलेगी और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को संदिग्ध गतिविधियों में पुख्ता डिजिटल सबूत मिल सकेंगे, जिससे भारतीय रेलवे में पारदर्शिता बढ़ेगी.
Indian Railways New Rules: रेलवे यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है, सफर करने से पहले इस जानकारी को जरूर पढ़ें. भारतीय रेलवे अब ट्रेनों में टिकट चेकिंग के दौरान एक नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है. TTE अब अपनी यूनिफॉर्म पर एक खास बॉडी वॉर्न कैमरा पहनेंगे, जो टिकट चेकिंग के दौरान यात्रियों के साथ होने वाली पूरी बातचीत और गतिविधियों को ऑडियो-वीडियो फॉर्मेट में रिकॉर्ड करेगा. इस कदम से चेकिंग प्रक्रिया अधिक आधुनिक, प्रभावी और विश्वसनीय बनेगी.
प्रयागराज मंडल की दो प्रमुख ट्रेनों से हुई शुरुआत
उत्तर मध्य रेलवे (NCR) ने इस व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रयागराज मंडल में शुरू किया है. महाप्रबंधक के निर्देशों पर इसे सबसे पहले प्रयागराज एक्सप्रेस और श्रम शक्ति एक्सप्रेस में लागू किया गया है. पहले चरण में टिकट चेकिंग स्टाफ को 30 कैमरे दिए गए हैं और उन्हें इसके इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जा रही है. यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य ट्रेनों और पूरे देश में लागू किया जाएगा.
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क्या हैं बॉडी वॉर्न कैमरों की खासियतें?
यह छोटा और हल्का कैमरा होता है जिसे रेलकर्मी अपनी यूनिफॉर्म पर आसानी से लगा सकते हैं. इसमें हाई डेफिनिशन वीडियो रिकॉर्डिंग, ऑडियो रिकॉर्डिंग, नाइट विजन और लंबी यात्राओं के लिए टिकाऊ बैटरी बैकअप जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इसके अलावा इसमें टैम्पर-प्रूफ सिस्टम दिया गया है ताकि रिकॉर्ड किए गए वीडियो या ऑडियो में कोई फेरबदल या छेड़छाड़ न की जा सके.
यात्रियों और रेलकर्मियों दोनों को मिलेगा सीधा फायदा
अक्सर टिकट जांच के दौरान टीटीई और यात्रियों के बीच विवाद या झूठे आरोपों की स्थिति बन जाती थी. इस कैमरे की फुटेज से अब विवादों का सही और निष्पक्ष निपटारा हो सकेगा. इससे रेलवे कर्मचारियों को फर्जी शिकायतों से सुरक्षा मिलेगी और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को संदिग्ध गतिविधियों में पुख्ता डिजिटल सबूत मिल सकेंगे, जिससे भारतीय रेलवे में पारदर्शिता बढ़ेगी.